Saturday, May 28, 2016

शराबमुक्त पंचायत बनाने हेतु सहयोग की अपील



Koderma के Bangakhalar, Dhab, Dhorakola सहित कई panchayat होंगे शराबमुक्त ।
महिलायों ने किया यह ऐलान। इस नेक काम औऱ sangharsh के लिये आप सभी का भी सहयोग जरुरी है।

Sunday, April 10, 2016

हमें गर्व है अपनी सभ्यता और संस्कृति पर ..........

झारखण्ड यानी 'झार' या 'झाड़' जो स्थानीय रूप में वन का पर्याय है और 'खण्ड' यानी टुकड़े से मिलकर बना है। अपने नाम के अनुरुप यह मूलतः एक वन प्रदेश है जो झारखंड आंदोलन के फलस्वरूप सृजित हुआ। प्रचुर मात्रा में खनिज की उपलबध्ता के कारण इसे भारत का 'रूर' भी कहा जाता है। 
कोडरमा का इलाका इस मानकों से अछूता नहीं है।  समर्पण विगत एक साल से ऐसे ही इलाको में खाशकर डोमचांच के माइका माइंस व जंगल क्षेत्र में कार्य करना एवं ऐसे इलाकों से कुछ सीखना प्रारंभ किया है।  जहाँ बुनियादी सुविधाओं का घोर आभाव है।  ढोदाकोला, बंगाखलार, ढाब, सपही जैसे पंचायतों के गावों में हम जैसे लोगो को एक दिन बिताना कठिन है।  यहाँ के लोग लोकतंत्र से परे भले जरूर हों, पर अपनी संस्कृति और सभ्यता से पूरी तरह लब्बोलुआब है। यूँ तो, झारखंड क्षेत्र विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों एवं धर्मों का संगम क्षेत्र कहा जाता है। जो इस इलाको में भी देखने को मिलता है।  
2 दिन पहले जब हम अपने साथियों क्रमश आशुतोष और सन्नी के साथ गावं गए तो कई नए अनुभव हुवे. सांस्कृतिक परम्परा और समाज–संस्कृति पर विचार पर चर्चा किया। संस्कृति और लोकतंत्र में क्या अंतर है..... हुनर और ज्ञान क्या है ....   इसे जाना।सरहुल पर्व को लेकर चर्चा किया। आज मरियमपुर में आयोजित जिलास्तरीय सरहुल महोत्सव में उस इलाकों से काफी संख्या में लोग आये और झारखंडी होने का परिचय दिया. हमें गर्व है अपनी सभ्यता और संस्कृति पर ................







Wednesday, March 30, 2016

जरूरी है षिक्षा का अधिकार कानून का 100 प्रतिषत क्रियान्वयन

कैंपेन फाॅर राईट टू एडुकेषन इन झारखंड (क्रेज) एवं संस्था समर्पण की ओर से स्थानीय वर्णवाल सेवा सदन, कोडरमा में षिक्षा अधिकार कानून 2009 एवं स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के अधिकारों एवं कर्तव्यों को लेकर जिलास्तरीय क्षमतावर्द्धन कार्यषाला का आयोजन किया गया। कार्यषाला के मुख्य अतिथि जिला बाल संरक्षण ईकाई के एलपीओ दिनेष कुमार पाल, राजकीयकृत मध्य विधालय इंदरवा के प्रधानाध्यापक सुभाषचंद्र, रांची से आये क्रेज के काॅर्डिनेटर अमन राज, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बालेष्वर राम, स्वराज फाउंडेषन के अजय कुमार, उमा देवी, अधिवक्ता षिवनंदन कुमार शर्मा आदि उपस्थित थे।
दिनेष कुमार पाल ने षिक्षा अधिकार कानून के प्रावधानों की चर्चा करते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन समिति फिलहाल अपने दायित्व नहीं निभा रहे हैं। जिस दिन समिति अपनी भुमिका में आ जायेंगे, उस दिन से सभी सरकारी विधालय माॅडल बन जायेंगे। उन्होंने कहा कि षिक्षा का अधिकार प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। इसके तहत 6-14 आयुवर्ग के हर वर्ग के बच्चों को निःषुल्क और अनिवार्य षिक्षा का अधिकार है।
प्रधानाध्यापक सुभाष चंद्र ने कहा कि कोडरमा सरकार ने ही षिक्षा को कई श्रेणियों में बांटकर रख दिया है। उन्होंने कहा कि स्कूल विकास योजना निर्माण में स्कूल प्रबंधन समिति का अहम रोल है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक जागरूकता, सिक्रियता एवं सहभागिता से बच्चों का विकास एवं संरक्षण संभव है।
बालेष्वर राम ने कहा कि बच्चों के विकास के लिए सरकार की ओर से कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं लेकिन, जानकारी के अभाव में इसका लाभ ग्रामीण या बच्चे नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसएमसी विधालय का मैनेजर और ड्राइवर की तरह है।
अधिवक्ता षिवनंदन कुमार शर्मा ने कहा कि आरटीई में अभी भी कई खामियां है जहां संषोधन की आवष्यकता हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन से सरकारी अधिकारी व कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी विधालय में पढ़ाना प्रारंभ करेंगे, उस दिन से षिक्षा जगत में बुनियादी परिवर्तन आ जायेगा और यह काम सिस्टम में बैठे वरीय पदाधिकारी के एक निर्णय से संभव है।
जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य राजकुमार सिन्हा ने कहा कि षिक्षा का अधिकार कानून 2009 के सभी मानकों व प्रावधानों को सुनिष्चित करने के लिए षिक्षक, पंचायत जनप्रतिनिधि एवं एसएमसी सदस्यों के बीच पारदर्षिता, सहभागिता, समन्वय एवं समुचित प्रषिक्षण बहुत जरूरी है।
क्रेज के काॅर्डिनेटर अमन राज ने कानून से जुड़े तमाम पहुलूओं पर प्रकाष डालते हुए कहा कि षिक्षा अधिकार कानून का बनना देष के लिए एक बड़ी जनउपलब्धि है। इस कानून का 100 प्रतिषत क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कानून किताबों में सिमट कर रह गया हैं।
कार्यषाला में MHPJ के सुषील द्विवेदी, चाइल्डलाइन के संतोष कुमार वर्णवाल, कृष्ण प्रसाद, मनोज दांगी, बहादुर प्रसाद यादव, जितेन्द्र कुमार सिंह, संतोष कुमार पांडेय, रितीका कुमारी, रेखा देवी, अषोक यादव, आकांक्षा कुमारी, कुन्दन कुमार, संजय सिंह, डा0 अजय रंजन, तुलसी कुमार साव, सन्नी कुमार, आषुतोष कुमार, राजेन्द्र कुमार, बसंती, आरती, मुन्नी देवी, मुकेष कुमार, राम किषुन संुडी, आषीष कुमार सहित 60 लोगों ने भाग लिया।
संचालन संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं धन्यवाद ज्ञांपन मेरियन सोरेन ने किया।

Saturday, March 26, 2016

पंचायत जनप्रतिनिधियों एवं स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के अधिकारों एवं कर्तव्यों को लेकर एकदिवसीय क्षमतावर्द्धन कार्यषाला का आयोजन

बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत संस्था समर्पण की ओर से लोकाई में पंचायत जनप्रतिनिधियों एवं स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के अधिकारों एवं कर्तव्यों को लेकर एकदिवसीय क्षमतावर्द्धन कार्यषाला का आयोजन किया गया। अध्यक्षता लोकाई पंचायत के मुखिया चमारी साव ने किया।
कार्यषाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में सर्व षिक्षा अभियान के बिनोद कुमार गुप्ता, ज्ञान विज्ञान समिति के महासचिव असीम सरकार एवं संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे।
श्री गुप्ता ने षिक्षा अधिकार कानून के प्रावधानों की चर्चा करते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन समिति के सक्रिय होने से ही विधालय व बच्चों का भला हो सकेगा। बच्चों के विकास के लिए सरकार की ओर से कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं लेकिन, जानकारी के अभाव में इसका लाभ ग्रामीण या बच्चे नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने बुनियाद, प्रयास एवं कस्तुरबा गांधी आवासीय विधालयों की महता पर प्रकाष डालते हुए कहा कि बाल अधिकारों को सुनिष्चित करने के लिए षिक्षक, पंचायत जनप्रतिनिधि एवं एसएमसी सदस्यों के बीच पारदर्षिता, सहभागिता एवं समन्वय जरूरी है।
असीम सरकार ने कहा कि षिक्षा अधिकार कानून का बनना देष के लिए एक बड़ी जनउपलब्धि है। अब इसे जमीन पर उतारने के लिए सामुहिक प्रयास की आवष्यकता है। सरकार पर जनदवाब बनाकर या फिर न्यायलय का शरण लेकर इस कानून का 100 प्रतिषत क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कानून किताबों में सिमट कर रह गया हैं। हर जगह इस कानून का घोर उल्लंघन हो रहा है। उन्होने कहा कि सवाल उठते रहने से भी समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट होता है।

Saturday, March 19, 2016

आंगनबाड़ी केंद्र मात्र खिचड़ी केंद्र बन कर न रह जाय......

बच्चों को स्वस्थ्य एवं पोषण के साथ-साथ बच्चों को शिक्षा के लिये प्रेरित करने का एक केन्द्र है आंगनबाड़ी केंद्र। जहां बच्चों को स्कूल जाने से पहले की तैयारी किया जाता है। बच्चों को खेल-कूद एवं मनोरंजन के माध्यम से गिनती, वर्णमाला की ज्ञान दिया जाता है। ताकि बच्चे 6 साल के बाद वह स्कूल के वातावरण में सही सलामत शामिल होकर शिक्षा ले सके। इसके लिए आंगनबाड़ी सेविका को प्रषिक्षण भी दिया गया है। लेकिन, न आंगनबाड़ी सेविका की ओर से और न आम पब्लिक की ओर से यह काॅन्सेप्ट पूरी तरह लागू हो पाया है कि आंगनबाड़ी नर्सरी स्कूल है। स्वयंसेेवी संस्थाओं से अच्छादित कुछेक आंगनबाड़ी केंद्र को छोड़ दिया जाय तो बाकी आंगनबाड़ी केंद्र मात्र खिचड़ी केंद्र बन कर रह गया है। हमलोगों ने पाया है कि ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों में स्कूलपूर्व षिक्षा की तैयारी नहीं किया जाता है या फिर किया जाता भी तो जैसे-तैसे। इसके पीछे निम्न कारण देखा गयाः 
  • सेविकाओं में अभिरूची की कमी। 
  • सेविका अलग से कामों में व्यस्त रहना।
  • आनन्दमयी शिक्षा के प्रति सेविकाओं में समझ की कमी।
  • केंद्र में अध्ययन तालिका का नहीं रहना। 
  • उपर लेवल से प्रोपर माॅनिटरिंग नहीं।
  • अभिभावक की लापरवाही।
  • सेविकाओं को आनंददायी षिक्षा का प्रोपर प्रषिक्षण नहीं दिया गया है।
  • लर्निंग मैटेरियल का उपयोग नहीं, टूटने-फूटने के डर से। 
  • मानदेय मिलने में देरी होने से बच्चों व कार्य के प्रति उत्साह नहीं।

उक्त सवालों व तथ्यों के आधार पर समर्पण एवं क्रेज की ओर से कोडरमा प्रखंड के इंदरवा, लोकाई एवं पांडेयडीह पंचायत के 10 गांवों में आंगनबाड़ी पहुंच अभियान चलाया जा रहा है।  

आँगनवाडी पहुंच अभियान का उद्देष्य:- 
  • 3-6 आयुवर्ग के सभी बच्चों को आँगनवाडी केन्द्र से जोडना एवं छिजन दर में कमी लाना।
  • 3-6 आयुवर्ग के सभी बच्चों को स्कूल पूर्व षिक्षा की सेवाएं उपलब्ध करवाना। 
  • आनंददायी षिक्षा के प्रति सेविकाओं में अभिरूचि पैदा करना एवं बच्चों के प्रति समर्पण का भाव जगाना।
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्कूल पूर्व शिक्षा के लिए बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना।
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों में आनन्दमयी शिक्षा के लिए सामग्री सुनिश्चित कराना।
  • जिन गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है, वहां नये आंगनबाड़ी केंद्र की मांग करना।
  • आंगनबाड़ी में मिलने वाली 6 सेवाओं को सुनिष्चित कराना।
  • गर्भवती महिलाओं एवं 3-6 आयुवर्ग के बच्चे जो सेवाओं से वंचित है का लिस्ट तैयार कर एडभोकेषी करना। 
हमारा प्रयास :
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्कूल पूर्व शिक्षा के लिए बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना।
  • आंगनबाड़ी केन्द्रों में आनन्दमयी शिक्षा के लिए सामग्री सुनिश्चित कराना।
  • आनंदमयी शिक्षा के प्रति सेविकाओं को समझ विकसित कराना।
  • आनन्दमयी शिक्षा से बच्चों की शिक्षा स्तर को विकसित कराना।
  • आंगनबाड़ी केन्द्र से बच्चों की छिजन दर में कमी लाना।












Friday, March 11, 2016

Announcement regarding vacancy at SAMARPAN

                             SAMARPAN

Adv./Letter No. 215/2015-16 Date: 10.03.2016
Samarpan is a civil society institution working on the issues of Child Rights and protection at Koderma. For details of our work, Plz. Visit our website www.samarpanjharkhand.org
Samarpan inviting the suitable candidates for child line on the post mentioned below on contractual basis:
No.
Job Title
Job Location
Number of Vacancies
Essential Qualifications
Salary/PM
1.      
Coordinator
Koderma
1
Master Degree in sociology/ Anthropology/MSW with 2-3 years experience in ground level activities, preferably in working with children is desirable. 
14000/
2.      
Team Members
Koderma
6
Bachelor Degree/MSW with 2-3 years experience in ground level activities, preferably in working with children is desirable. 
8000/
3.      
Counselor
Koderma
1
Master Degree in sociology/psychology/ Anthropology/MSW with 01 year experience or Graduate in psychology/social Work/ sociology/ Anthropology with 03 years experience in the field of counseling in child Rights sector.
8000/
4.      
Volunteer
Koderma
1
Metric with 2-3 years experience in profit/nonprofit organization. 
6000/

How to apply:

Interested Candidates are requested to send Application/CV at samarpanjharkhand@gmail.com or office address. The last date for receiving the application/CV for the above post is 22/03/2016 till 5:00 PM.

Selection Procedure:- The selection of the candidates will be on the basis of written examination and personal interview depending on the number of applications received.

Note: Only shortlisted candidates will be contacted.

(Indramani Sahu)
Secretary
Samarpan,
Sundernagar, Koderma
825410 (Jharkhand)
Mob. 9934148413

Monday, February 1, 2016

बाल सभा के बाद एक राउंड गेम भी

अकादमिक गुणबत्ता तथा सर्वाधिक विकास के उद्देश्य से आयोजित बाल सभा के बाद एक राउंड गेम भी।

Friday, December 18, 2015

समेकित एवं जैविक खेती को लेकर एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

समर्पण के द्वारा सहेबाडीह में समेकित एवं जैविक खेती को लेकर एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अम्बेदकर किसान क्लब एवं ममता महिला मंडल के सभी सदस्यों ने भाग लिया।  मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक आर. पी. दास, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू, कृषि विषेषज्ञ सुरेन्द्र राम, बायफ के बैजनाथ राम एवं प्रधानाध्यापक सरस्वती जोंगो आदि मौजूद थे। 

कार्यषाला को संबोधित करते हुए शाखा प्रबंधक श्री दास ने बैंक से मिलने वाली सुविधाओं को विस्तार से बताते हुए कहा कि ऋण का सदुपयोग से व्यक्ति का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि किसान क्लब और महिला मंडल के बेहतर कार्य से हम अपने गांव व समाज को पलायन, बेरोजगारी और कुपोषण की बीमारी से मुक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में स्थायी खुषी लाने का एक अच्छा माध्यम खेती है। 

संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा कि किसान देष की रीढ़ है। इस रीढ़ को सषक्त करने के उद्देष्य से क्लब के सदस्यों को प्रषिक्षित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन-जिन गांवों में क्लब के द्वारा पहल हुआ है वहां का तस्वीर में परिवर्तन आया है।  

आनंददायी षिक्षा को लेकर पहल

समर्पण के द्वारा झारखंड षिक्षा परियोजना के द्वारा तैयार प्रयास एवं बुनियाद कार्यक्रम को म0 वि0 सलैयडीह एवं म0 वि0 रतिथम्भाई के स्कूली बच्चों के बीच आनंददायी षिक्षा का अभ्यास कराया गया।
इसके अलावे बिरहोर टोला, लोकाई, बलरोटांड एवं सलैयडीह के आंगनबाड़ी केंद्रों में आनंददायी षिक्षा को लेकर तैयार अध्ययन तालिका का भी अभ्यास कराया गया।

Monday, November 23, 2015

श्री विधि एक तकनीक है जिसके द्वारा पानी के बहुत कम प्रयोग से भी धान का बहुत अच्छा उत्पादन सम्भव


  • श्री विधि एक तकनीक है जिसके द्वारा पानी के बहुत कम प्रयोग से भी धान का बहुत अच्छा उत्पादन सम्भव -


  • Ramchandra Mahto, Member of Bharti Kisan Club, Nayitand, Jainagar, Koderma 

    • किसानों को श्री विधि से खेती की जानकारी के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया गया, नतीजा आपके सामने है ..

    • निश्चित तौर पर श्री विधि तकनीक से धान लगाने पर उत्पादकता काफी बढ़ी है।  इससे मॉनसून कमजोर होने की भरपाई संभव है








Friday, October 2, 2015

Awareness prog on Combating Desertification, Land Degradation and Drought

Awareness prog on  Combating Desertification, Land Degradation and Drought
at Jharitand, Koderma. 

Saturday, September 12, 2015

आनंददायी षिक्षा के विविध आयामों को लेकर एकदिवसीय क्षमतावर्द्धन कार्यषाला का आयोजन


स्वयंसेवी संस्था समर्पण  की ओर से स्थानीय वर्णवाल धर्मषाला में आनंददायी षिक्षा के विविध आयामों को लेकर एकदिवसीय क्षमतावर्द्धन कार्यषाला का आयोजन किया गया। कार्यषाला में मुख्य रूप से विधालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, षिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविका एवं संस्था के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यषाला में प्रषिक्षक के रूप में गिरिडीह जिला के जिला साधनसेवी अरूण कुमार शर्मा ने आनंददायी षिक्षा एवं प्रयास कार्यक्रमों के विविध आयामों की जानकारी दी। उन्होंने अभिभावक षिक्षक संवाद, विधालय के ढांचागत सुविधा, षिक्षकों का बालमैत्री व्यवहार, बच्चों की शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक सुरक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, व्यक्तिगत देखरेख,
नियमित दैनिक गतिविधि आदि बिन्दुओं पर प्रकाष डाला। उन्होंने कहा कि विधालय के प्रति बच्चों का आकर्षक बनाये रखने के लिए एसएमसी की सक्रियता जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम अपने  व्यवहार व कार्यषैली में परिवर्तन लाकर बच्चों के अधिकारों को सुनिष्चित कर सकते हैं।


Sunday, September 6, 2015

कार्यक्रम में गाय, माय और धरती की रक्षा करने एवं श्रीविधि से खेती करने पर बल

स्वयंसेवी संस्था समर्पण की ओर से महेषमराय गांव में आयोजित कृषि विषेषज्ञों के साथ सहमिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यदुवंषी किसान क्लब के सदस्यों के अलावे ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विषेषज्ञ राम किषुन संुडी ने कहा कि जीवन में स्थायी खुषी लाने का एक अच्छा माध्यम खेती है। उन्होंने गाय, माय और धरती की रक्षा करने एवं श्रीविधि से खेती करने पर बल दिया।
समर्पण के उत्प्रेरक जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि किसान यदि बैंक से मिलने वाली ऋण का सदुपयोग करें, तो दुनिया में आगे निकलने से हमें कोई नहीं रोक सकता।  उन्होंने केसीसी, जेएलजी, डब्ल्यूएसएचजी, जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्लब के अध्यक्ष मुंषी यादव, सचिव अंजन कुमार, सुरेन्द्र यादव सहित कई लोगो ने भाग लिया।

Saturday, September 5, 2015

आदिवासी संस्कृति को समझने का प्रयास



ढोढाकोला के जंगलों में वर्षो से रह रहे आदिवासियों के सभ्यता-संस्कृति को समझने का प्रयास कर रहे हैं समर्पण के सामाजिक कार्यकर्ता सह पत्रकार आषुतोष कुमार सिन्हा। 

Tuesday, September 1, 2015

एक प्रयास यह भी

झारखण्ड में फिलहाल पारा टीचर हड़ताल पर है।  ऐसी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
 इसी को देखते हुवे कम्युनिटी से कुछ साथी और कुछ हम समर्पण के साथी मिलकर यह प्रयास कर रहे हैं।  आपका सुझाव और सहयोग भी चाहिए।  

Wednesday, August 19, 2015

गीत-नाट्य के माध्यम से शैक्षणिक वातावरण निर्माण एवं ग्रामीण समस्याओं को लेकर जागरूकता अभियान

डोमचांच प्रखंड के बंगाखलार, ढाब एवं ढोढ़ाकोला पंचायत के गांवों में संस्था समर्पण की ओर से नुक्कड़ नाटक
के माध्यम से शैक्षणिक वातावरण निर्माण एवं ग्रामीण समस्याओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलाकारों ने गीत-नाट्य के माध्यम से आज बंगाखलार, नावाडीह एवं ढाब गांव में भविष्य का सौदा नामक नाटक प्रस्तुत कर बच्चों को स्कूल भेजने एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
कलाकारों में रामकिषोर सिंह, जितेन्द्र सिंह, राजू सिंह, आषा देवी, नागेष्वर तुरी, मीना बनर्जी, रवि, मोनू, विजय यादव आदि की भुमिका सराहनीय रही।

Friday, July 31, 2015

Announcement regarding vacancy at SAMARPAN

Samarpan is  a civil society institution working on the issues of child Right at Koderma. Samarpan seeks to strengthen accountability of Govt. System and RTE ensure through advocacy and different activities. For details of our work, Plz. Visit our website www.samarpanjharkhand.org

Job Title – Accountant, Job location: Koderma

Number of vacancies
:  1                                      

Essential qualifications
  • B.com/M.Com
  • Master in Tally (ERP9)  and manual account.
  • Minimum 2 years of work experience as an accountant preferably in NGO.
  • Excellent computer efficiency.
  • Fluency in spoken and written English and communicative ability in Hindi. 
Salary: 9000 per month.

How to apply:
Interested Candidate are requested to send CV at samarpanjharkhand@gmail.com

The dateline for sending application/CV is 20th August, 2015.

Only shortlisted candidates will be contacted.