Monday, February 1, 2016
Friday, December 18, 2015
समेकित एवं जैविक खेती को लेकर एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम
समर्पण के द्वारा सहेबाडीह में समेकित एवं जैविक खेती को लेकर एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अम्बेदकर किसान क्लब एवं ममता महिला मंडल के सभी सदस्यों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक आर. पी. दास, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू, कृषि विषेषज्ञ सुरेन्द्र राम, बायफ के बैजनाथ राम एवं प्रधानाध्यापक सरस्वती जोंगो आदि मौजूद थे।
कार्यषाला को संबोधित करते हुए शाखा प्रबंधक श्री दास ने बैंक से मिलने वाली सुविधाओं को विस्तार से बताते हुए कहा कि ऋण का सदुपयोग से व्यक्ति का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि किसान क्लब और महिला मंडल के बेहतर कार्य से हम अपने गांव व समाज को पलायन, बेरोजगारी और कुपोषण की बीमारी से मुक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में स्थायी खुषी लाने का एक अच्छा माध्यम खेती है।
संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा कि किसान देष की रीढ़ है। इस रीढ़ को सषक्त करने के उद्देष्य से क्लब के सदस्यों को प्रषिक्षित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन-जिन गांवों में क्लब के द्वारा पहल हुआ है वहां का तस्वीर में परिवर्तन आया है।
आनंददायी षिक्षा को लेकर पहल
इसके अलावे बिरहोर टोला, लोकाई, बलरोटांड एवं सलैयडीह के आंगनबाड़ी केंद्रों में आनंददायी षिक्षा को लेकर तैयार अध्ययन तालिका का भी अभ्यास कराया गया।
Monday, November 23, 2015
श्री विधि एक तकनीक है जिसके द्वारा पानी के बहुत कम प्रयोग से भी धान का बहुत अच्छा उत्पादन सम्भव
- श्री विधि एक तकनीक है जिसके द्वारा पानी के बहुत कम प्रयोग से भी धान का बहुत अच्छा उत्पादन सम्भव -
- Ramchandra Mahto, Member of Bharti Kisan Club, Nayitand, Jainagar, Koderma
- किसानों को श्री विधि से खेती की जानकारी के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया गया, नतीजा आपके सामने है ..
- निश्चित तौर पर श्री विधि तकनीक से धान लगाने पर उत्पादकता काफी बढ़ी है। इससे मॉनसून कमजोर होने की भरपाई संभव है
Friday, October 9, 2015
Friday, October 2, 2015
Wednesday, September 16, 2015
Saturday, September 12, 2015
आनंददायी षिक्षा के विविध आयामों को लेकर एकदिवसीय क्षमतावर्द्धन कार्यषाला का आयोजन
स्वयंसेवी संस्था समर्पण की ओर से स्थानीय वर्णवाल धर्मषाला में आनंददायी षिक्षा के विविध आयामों को लेकर एकदिवसीय क्षमतावर्द्धन कार्यषाला का आयोजन किया गया। कार्यषाला में मुख्य रूप से विधालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, षिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविका एवं संस्था के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यषाला में प्रषिक्षक के रूप में गिरिडीह जिला के जिला साधनसेवी अरूण कुमार शर्मा ने आनंददायी षिक्षा एवं प्रयास कार्यक्रमों के विविध आयामों की जानकारी दी। उन्होंने अभिभावक षिक्षक संवाद, विधालय के ढांचागत सुविधा, षिक्षकों का बालमैत्री व्यवहार, बच्चों की शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक सुरक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, व्यक्तिगत देखरेख,
नियमित दैनिक गतिविधि आदि बिन्दुओं पर प्रकाष डाला। उन्होंने कहा कि विधालय के प्रति बच्चों का आकर्षक बनाये रखने के लिए एसएमसी की सक्रियता जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम अपने व्यवहार व कार्यषैली में परिवर्तन लाकर बच्चों के अधिकारों को सुनिष्चित कर सकते हैं।
Sunday, September 6, 2015
कार्यक्रम में गाय, माय और धरती की रक्षा करने एवं श्रीविधि से खेती करने पर बल
स्वयंसेवी संस्था समर्पण की ओर से महेषमराय गांव में आयोजित कृषि विषेषज्ञों के साथ सहमिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यदुवंषी किसान क्लब के सदस्यों के अलावे ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विषेषज्ञ राम किषुन संुडी ने कहा कि जीवन में स्थायी खुषी लाने का एक अच्छा माध्यम खेती है। उन्होंने गाय, माय और धरती की रक्षा करने एवं श्रीविधि से खेती करने पर बल दिया।
समर्पण के उत्प्रेरक जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि किसान यदि बैंक से मिलने वाली ऋण का सदुपयोग करें, तो दुनिया में आगे निकलने से हमें कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने केसीसी, जेएलजी, डब्ल्यूएसएचजी, जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्लब के अध्यक्ष मुंषी यादव, सचिव अंजन कुमार, सुरेन्द्र यादव सहित कई लोगो ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विषेषज्ञ राम किषुन संुडी ने कहा कि जीवन में स्थायी खुषी लाने का एक अच्छा माध्यम खेती है। उन्होंने गाय, माय और धरती की रक्षा करने एवं श्रीविधि से खेती करने पर बल दिया।
समर्पण के उत्प्रेरक जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि किसान यदि बैंक से मिलने वाली ऋण का सदुपयोग करें, तो दुनिया में आगे निकलने से हमें कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने केसीसी, जेएलजी, डब्ल्यूएसएचजी, जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्लब के अध्यक्ष मुंषी यादव, सचिव अंजन कुमार, सुरेन्द्र यादव सहित कई लोगो ने भाग लिया।
Saturday, September 5, 2015
Tuesday, September 1, 2015
Wednesday, August 19, 2015
गीत-नाट्य के माध्यम से शैक्षणिक वातावरण निर्माण एवं ग्रामीण समस्याओं को लेकर जागरूकता अभियान
डोमचांच प्रखंड के बंगाखलार, ढाब एवं ढोढ़ाकोला पंचायत के गांवों में संस्था समर्पण की ओर से नुक्कड़ नाटक
के माध्यम से शैक्षणिक वातावरण निर्माण एवं ग्रामीण समस्याओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलाकारों ने गीत-नाट्य के माध्यम से आज बंगाखलार, नावाडीह एवं ढाब गांव में भविष्य का सौदा नामक नाटक प्रस्तुत कर बच्चों को स्कूल भेजने एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
कलाकारों में रामकिषोर सिंह, जितेन्द्र सिंह, राजू सिंह, आषा देवी, नागेष्वर तुरी, मीना बनर्जी, रवि, मोनू, विजय यादव आदि की भुमिका सराहनीय रही।
के माध्यम से शैक्षणिक वातावरण निर्माण एवं ग्रामीण समस्याओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलाकारों ने गीत-नाट्य के माध्यम से आज बंगाखलार, नावाडीह एवं ढाब गांव में भविष्य का सौदा नामक नाटक प्रस्तुत कर बच्चों को स्कूल भेजने एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
कलाकारों में रामकिषोर सिंह, जितेन्द्र सिंह, राजू सिंह, आषा देवी, नागेष्वर तुरी, मीना बनर्जी, रवि, मोनू, विजय यादव आदि की भुमिका सराहनीय रही।
Friday, July 31, 2015
Announcement regarding vacancy at SAMARPAN
Samarpan
is a civil society institution working
on the issues of child Right at Koderma. Samarpan seeks to strengthen
accountability of Govt. System and RTE ensure through advocacy and different activities. For details of our work, Plz. Visit our website www.samarpanjharkhand.org
Job Title –
Accountant, Job location: Koderma
Number of vacancies: 1
Essential qualifications
Number of vacancies: 1
Essential qualifications
- B.com/M.Com
- Master in Tally (ERP9) and manual account.
- Minimum 2 years of work experience as an accountant
preferably in NGO.
- Excellent computer efficiency.
- Fluency in spoken and written English and communicative
ability in Hindi.
Salary: 9000 per month.
How to apply:
How to apply:
Interested Candidate are requested
to send CV at samarpanjharkhand@gmail.com
The dateline for sending
application/CV is 20th August, 2015.
Only shortlisted candidates will be
contacted.
Job Email id: samarpanjharkhand@gmail.com
Wednesday, June 17, 2015
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन को लेकर जागरूकता अभियान
संस्था समर्पण की ओर से चलाये जा रहे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन को लेकर जागरूकता अभियान का आज चेहाल में समापन हो गया। समर्पण के टीम ने जिले के 30 असघन गांवों में जा-जाकर नुक्कड़ नाटक
के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। समर्पण के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिषन के तहत मिलने वाली सुविधाओं एवं स्वयं सहायता समूह से जुड़ने, सरकारी लाभ योजनाओं का लाभ उठाने आदि के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों का विषेष सहयोग रहा।
के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। समर्पण के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिषन के तहत मिलने वाली सुविधाओं एवं स्वयं सहायता समूह से जुड़ने, सरकारी लाभ योजनाओं का लाभ उठाने आदि के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों का विषेष सहयोग रहा।
कोडरमा में स्कूलपूर्व षिक्षा प्रणाली को लेकर जिलास्तरीय कार्यषाला का आयोजन
संस्था समर्पण की ओर से वर्णवाल सेवा सदन, कोडरमा में स्कूलपूर्व षिक्षा प्रणाली को लेकर जिलास्तरीय कार्यषाला का आयोजन किया गया। कार्यषाला में विभिन्न क्षेत्रों के आंगनबाड़ी सेविका, पंचायत जनप्रतिनिधि, महिला मंडल के सदस्य, षिक्षाप्रेमी के अलावे संस्थाकर्मियों ने भी भाग लिया।
कार्यषाला का विषय प्रवेष कराते हुए संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को स्वस्थ्य एवं पोषण के साथ-साथ बच्चों को षिक्षा के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। जहां बच्चों को स्कूल जाने से पहले की तैयारी किया जाता है। बच्चों को खेल-कूद एवं मनोरंजन के माध्यम से गिनती, वर्णमाला आदि का ज्ञान दिया जाता है। ताकि, बच्चे 6 साल के बाद वह स्कूल के वातावरण में सही सलामत शामिल होकर षिक्षा हासिल कर सके। उन्होंने कहा कि संस्था समर्पण ने बसधरवा एवं सलैयडीह गांव का स्कूल एवं आंगनबाड़ी को गोद लेने एवं उसे माॅडल बनाने का निर्णय लिया है।
अधिवक्ता षिवनंदन कुमार शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आनंददायी षिक्षा की व्यवस्था एवं आनंददायी षिक्षा के प्रति सेविकाओं में समझ की कमी है। सेविकाओं को चाहिए कि वे अपने नाम के अनुरूप बच्चों के लिए विषेष अभिरूचि लें और अपने सेंटर पर एक अध्ययन तालिका रखकर खेल-खेल में बच्चों को सीखायें।
अधिवक्ता रीना शर्मा ने कहा कि 3 से 5 साल के बच्चों को षिक्षा से लैस करने की जबाबदेही जितना सेविका का है उससे कहीं उनके अभिभावकों का है या होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका बच्चों के लिए दूसरी मां स्वरूप है।
कार्यषाला में 3 से 5 आयुवर्ग के बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने के लिए अभिभावकों को जागरूक करने, आंगनबाड़ी के बेहतर संचालन के लिए माॅनिटरिंग हो इसके लिए सरकारी तंत्र पर दबाव बनाने, आंगनबाड़ी केंद्र में भी अंडा व फल की व्यवस्था करने, सेविकाओं के लिए विषेष प्रषिक्षण देने एवं नर्सरी षिक्षण काॅर्स अनिवार्य करने, संसाधन बढ़ाने एवं संसाधनों का सदुपयोग हो इसके लिए अभिभावकों को आगे लाने आदि निर्णय लिये गये। इससे संबंधित एक मांग पत्र सरकार को सौंपे जाने का भी निर्णय लिया गया।
धन्यवाद ज्ञांपन पंसस गणेष दास ने किया।
कार्यषाला का विषय प्रवेष कराते हुए संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को स्वस्थ्य एवं पोषण के साथ-साथ बच्चों को षिक्षा के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। जहां बच्चों को स्कूल जाने से पहले की तैयारी किया जाता है। बच्चों को खेल-कूद एवं मनोरंजन के माध्यम से गिनती, वर्णमाला आदि का ज्ञान दिया जाता है। ताकि, बच्चे 6 साल के बाद वह स्कूल के वातावरण में सही सलामत शामिल होकर षिक्षा हासिल कर सके। उन्होंने कहा कि संस्था समर्पण ने बसधरवा एवं सलैयडीह गांव का स्कूल एवं आंगनबाड़ी को गोद लेने एवं उसे माॅडल बनाने का निर्णय लिया है।
अधिवक्ता षिवनंदन कुमार शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आनंददायी षिक्षा की व्यवस्था एवं आनंददायी षिक्षा के प्रति सेविकाओं में समझ की कमी है। सेविकाओं को चाहिए कि वे अपने नाम के अनुरूप बच्चों के लिए विषेष अभिरूचि लें और अपने सेंटर पर एक अध्ययन तालिका रखकर खेल-खेल में बच्चों को सीखायें।
अधिवक्ता रीना शर्मा ने कहा कि 3 से 5 साल के बच्चों को षिक्षा से लैस करने की जबाबदेही जितना सेविका का है उससे कहीं उनके अभिभावकों का है या होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका बच्चों के लिए दूसरी मां स्वरूप है।
कार्यषाला में 3 से 5 आयुवर्ग के बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने के लिए अभिभावकों को जागरूक करने, आंगनबाड़ी के बेहतर संचालन के लिए माॅनिटरिंग हो इसके लिए सरकारी तंत्र पर दबाव बनाने, आंगनबाड़ी केंद्र में भी अंडा व फल की व्यवस्था करने, सेविकाओं के लिए विषेष प्रषिक्षण देने एवं नर्सरी षिक्षण काॅर्स अनिवार्य करने, संसाधन बढ़ाने एवं संसाधनों का सदुपयोग हो इसके लिए अभिभावकों को आगे लाने आदि निर्णय लिये गये। इससे संबंधित एक मांग पत्र सरकार को सौंपे जाने का भी निर्णय लिया गया।
धन्यवाद ज्ञांपन पंसस गणेष दास ने किया।
Saturday, June 6, 2015
Sunday, May 24, 2015
झुमरी तिलैया नगर निकाय चुनाव 2015 के लिए मतदाता जागरूकता अभियान
स्वयंसेवी संस्था समर्पण की ओर से चलायी जा रही मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का समापन रविवार को हो गया। कलाकारों ने अभियान के अंतिम दिन तिलैया शहर के वार्ड नंबर 22, 23 एवं 24 में नुक्कड़ नाटक के
माध्यम से वोट की महता की जानकारी दी। कलाकारों ने न नषे से, न नोट से किस्मत बदलेगी वोट से, बहकावे में तुम कभी न आना, सोच-समझ कर बटन दबाना, वोट के दिन जो सोयेगा, वो पांच वर्ष मौका खोयेगा। युवा हो तुम देष की शान, जागो, उठो करो मतदान। जागरूक समाज की होगी तभी पहचान, जब होगा शत-प्रतिषत मतदान। छोड़कर अपने सारे काम, पहले चलो करें मतदान। करे तिलैया का जो उत्थान, करें उसी को मतदान, वोट देना गर्व है, जनता का यह पर्व है, मतदान से मत घबराओ, नागरिकता का फर्ज निभाओ...............जैसे कई आर्कषक नारों व विचारों के साथ मतदाताओं को जागरूक करने का सफल प्रयास किया।
Tuesday, May 5, 2015
मनरेगा गांव के लिए एक वरदान
कोडरमा के सुदूरवर्ती पंचायत डगरनवां में समर्पण के कलाकारों ने आम के आम, गुठली के दाम नामक
नाटक प्रस्तुत कर मनरेगा की खूबियों की जानकारी दिया। कलाकारों ने कहा कि मनरेगा में अपना खेत अपना काम जैसी योजना है। इसका लाभ अवष्य उठायें। कलाकारों ने कहा कि अब सिंचाई और पानी की समस्या का कोई टेंषन नहीं है। मनरेगा हर मर्ज का दवा के रूप में है। समग्र विकास की बात हो या फिर गांव के चारों ओर हरियाली कायम करने की। मनरेगा हर गांव के लिए एक वरदान है।
नाटक प्रस्तुत कर मनरेगा की खूबियों की जानकारी दिया। कलाकारों ने कहा कि मनरेगा में अपना खेत अपना काम जैसी योजना है। इसका लाभ अवष्य उठायें। कलाकारों ने कहा कि अब सिंचाई और पानी की समस्या का कोई टेंषन नहीं है। मनरेगा हर मर्ज का दवा के रूप में है। समग्र विकास की बात हो या फिर गांव के चारों ओर हरियाली कायम करने की। मनरेगा हर गांव के लिए एक वरदान है।
Saturday, April 18, 2015
खुषबू हो हर फूल में, बच्चें हों स्कूल में.................
स्कूल प्रबंधन समिति भुईयांटोला, लोकाई एवं समर्पण के संयुक्त तत्वावधान में विधालय चलें-चलायें अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली गयी। रैली का नेतृत्व प्रधानाध्यापिका संपदा मिश्रा एवं समर्पण के मेरियन सोरेन ने किया। रैली के माध्यम से बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने, छिजित बच्चों के नामांकन कराने एवं विधालय के बेहतर संचालन में मदद करने का अनुरोध किया गया। सभी बच्चे हाथों में स्लोगन लिखे तख्तियों के साथ चल रहे थे और ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, पहले पढ़ाई फिर विदाई, खुषबू हो हर फूल में, बच्चें हों स्कूल में...........आदि नारे लगा रहे थे।
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