Wednesday, February 26, 2014

बिगहा में जय बजरंग किसान क्लब का उदघाटन

जयनगरः 26 फरवरी। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड द्वारा बिगहा गांव में गठित जय बजरंग किसान क्लब का कार्यालय का उदघाटन आज गांव के सबसे बुर्जग व्यक्ति राम विलास गिरि ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। मौके पर बैंक आॅफ इंडिया, बांझेडीह शाखा प्रबंधक मनीष कुमार, वरिष्ठ समाजसेवी आर्य राज किषोर मोदी, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं पंचायत समिति सदस्य मौलाना अब्दूल रउफ, वार्ड सदस्य हरिषंकर गिरि आदि लोग उपस्थित थे। 
मौके पर उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए शाखा प्रबंधक श्री कुमार ने कहा कि इस गांव क्लब के खुलना बहुत ही सौभाग्य की बात है। उन्होंने इस क्लब का संचालन पूरी ईमानदारी और पारदर्षित के साथ संचालन करने की सलाह दी।
समाजसेवी आर्य राज किषोर मोदी ने कहा कि आज किसानों की जमीन कई हिस्सों व टुकड़ों में बंट गये हैं जिससे वे मनमाफिक खेती नहीं कर पा रहे हैं। मनमाफिक तरीके से खेती करने और आगे बढने के लिए उन्होंने खेतों की चकबंदी करने की सलाह दी। उन्होंने संस्था के कार्याे की सराहना करते हुए कहा कि गांव-गांव में किसान क्लब बनाकर किसानों को जागरूक व गोलबंद करने का यह प्रयास अनुकरणीय है। 
पंसस मौलाना अब्दूल रउफ ने कहा कि क्लब बना लेने या कार्यालय मात्र खोलने से गांव का विकास नहीं होगा बल्कि, की जिम्मेवारी, ईमानदारी और पूरी निष्ठा से कार्य कर योजनाओं को गांव तक लाने से गांव का विकास होगा। उन्होंने कहा कि कल्ब के सदस्यों की जिम्मेवारी दोगुनी हो गयी है। 
संस्था सचिव इन्द्रमणि ने कल्ब गठन के उद्देष्यों, मूल्यों एवं भावी रणनीति के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि खेतों के जरिए किसानों के जीवन में हरियाली लाने के उद्देष्य से ही किसान क्लब का गठन किया गया है। इस कल्ब को एक प्रेषर ग्रुप के रूप में काम करना होगा तभी सरकार की योजना गांव तक आयेगी।
सांसद प्रतिनिधि कालेन्द्र गिरि ने कहा कि आधुनिक तरीके से खेती करने से ही किसान आत्मनिर्भर होंगे। 
समारोह में मुख्य रूप से क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, सचिव अरूण कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष बाबुलाल पासवान, समर्पण के प्रोग्राम काॅर्डिनेटर आषिष कुमार, सुधीर सिंह, विनोद पासवान, कैलाष पासवान, सुधीर गिरि, अनिल सिंह, संदीप सिंह, ललन सिंह, राम विलास सिंह, मुनेष्वर सिंह, संदीप सिंह सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया। 
संचालन रविन्द्र गिरि एवं धन्यवाद ज्ञांपन अरूण कुमार ने किया।

Tuesday, February 25, 2014

जीवन में खुषहाली लाने के लिए जन चेतना, जल चेतना और वन चेतना जरूरी

जयनगरः 25 फरवरी। स्वयंसेवी संस्था SAMARPAN एवं NABARD के संयुक्त तत्वावधान में आज कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में तीन किसान क्लबों का आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण षिविर का आयोजन किया गया। जिसमें भारती किसान क्लब, नईटांड, बजरंग किसान क्लब, रूपायडीह एवं नूरी किसान क्लब, रघुनियाडीह शामिल है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, नाबार्ड के डीडीएम भास्कर मिर्धा, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रोग्राम काॅर्डिनेटर डा0 वि0 के0 सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी आर्य राजकिषोर मोदी एवं संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे। 
मुख्य अतिथि सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि आज जीवन में खुषहाली लाने के लिए जन चेतना, जल चेतना और वन चेतना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्राकतिक जल संरक्षण जरूरी है, इसके लिए गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में और खेत की मिट्टी खेत में रखने की सख्त जरूरत है। उन्होंने श्रीविधि से खेती करने, समय-समय पर बीजापचार करने, केचुआ खाद ईकाई की स्थापना करने एवं नये तकनीक के जरिए खेती करने पर बल दिया। 
डीडीएम भास्कर मिर्धा ने कहा कि जिला व राज्य में खेती के क्षेत्र में योजनाओं  एवं पैसों की कमी नहीं है। बैंक एवं विभाग द्वारा कई तरह के लाभ किसानों के दिये जा रहे हैं लेकिन, जागरूकता के अभाव में वे लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेतों के जरिए जीवन में हरियाली लाने के उद्देष्य से संस्था द्वारा की जा रही यह पहल काफी सराहनीय है। उन्होंने नई तकनीक के जरिए खेती करने, सामुहिक निर्णय और सामुहिक खेती करने पर विषेष जोर दिया।
वरिष्ठ समाज सेवी आर्य राज किषोर मोदी ने कहा कि आज खेतो का आकार छोटा हो गया है। जिससे वैज्ञानिक तरीके व तकनीकी ढंग से खेती करने में अड़चने आ रही है, इन अड़चनों से उबरने के लिए चकबंदी जरूरी है। उन्होंने किसानों को जैविक, जीवंत व सतत-संरक्षित कृषि प्रणाली पर विषेष प्रकाष डाला। 
कृषि वैज्ञानिक डा. बीके सिंह ने श्रीविधि, टपक सिचाई प्रणाली, पाली हाउस के जरिए खेती की संभावनाओं पर विषेष प्रकाष डाला और कहा कि आज किसान उपेक्षित है और कृषि कार्य घाटे की चीज हो गया है। इसके पीछे हमारा पुरानी मानसिकता व पुराना तकनीक जिम्मेवार है। 
कार्यक्रम में मुख्यरूप से मीना देवी, नारायण शर्मा, भीखी पासवान, खेमन साव, सतीष मालाकार, आत्मा के बीटीएम संतोष कुमार सिंह, कृषि विषेषज्ञ मनिष कुमार, अफाक खान, रहमान खान, मुखिया किषोर साव, विजय कुमार पंडित, विनोद साव, वज्रभूषण साव, संतोष राम, दामोदर साव, चंद्रिका यादव, चन्द्रिका साव सहित 60 किसानों ने भाग लिया।

Tuesday, February 18, 2014

गावं को हरा भरा बनाये रखने पर बिचार-मंथन

दिनांक 18  Feb. को समर्पण के द्वारा आयोजित New Vikas Kisan Club
की बैठक में गावं को हरा भरा बनाये रखने पर बिचार-मंथन करते हुए Chehal (Jainagar) के किसान।

Wednesday, February 12, 2014

राष्ट्रीय पर्यावरण जागरूकता अभियान के तहत जैव विवधता संरक्षण विषय अभियान

कोडरमाः 12 फरवरी। राष्ट्रीय पर्यावरण जागरूकता अभियान 2013-14 के तहत स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं बिरवा के संयुक्त तत्वावधान में आज सलैयडीह मध्य विधालय प्रागंण में जैव विवधता संरक्षण विषय पर नुक्कड़ नाटक सह बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ समाजसेवी आर्य राज किषोर मोदी, पंसस तारा देवी, सेवानिवृत प्रधानाध्यापक बहादुर प्रसाद, मोती यादव, भीखी यादव, विजय यादव, प्रसादी यादव, तुलसी साव, वार्ड सदस्य राजकुमार पासवान, प्रकाष साव, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू सहित इंदरवा, चीतरपुर एवं सलैयडीह के सैकड़ों ग्रामीणों व बच्चों ने भाग लिया। 
आयोजित नुक्कड़ नाटक एवं बैठक में खदानों-क्रषरों की बढ़ती संख्या एवं उजड़ते जंगल से होने वाले दुष्परिणाम पर चर्चा किया गया। आर्य राजकिषोर मोदी ने कहा विज्ञान के गलत प्रचार, अज्ञानता तथा उत्पादन वृद्धि की लालसा से किसानों ने रासायनिक खेती की पद्धति को बड़े पैमाने पर अपनाया है। इससे आने वाले दिनों में हम सबों को भयंकर खतरों का सामना करना पडेगा। उन्होंने कहा कि चकबंदी आज समय की मांग है। चुंकि, किसानों की जमीन टुकड़े-टुकडे़ में बंट गया है। जिससे वह मनमाफिक खेती नहीं कर पा रहे हैं। 
नाटक में औषधि पौधों से होने वाले लाभ, रासायनिक खाद, हाईब्रीड बीज एवं कीटनाषक दवा से होने वाले दुष्परिणाम को बाखूबी प्रदर्षित किया एवं केचुआ खाद से सतत व जैविक खेती करने पर बल दिया गया। कलाकारों ने जंगल नहीं काटने, फलदार वृक्ष व औषधीय पौधों का अत्यधिक वृक्षारोपन करने एवं देषज तकनीक व बीज के संरक्षण पर बल दिया। वहीं बैठक में गांव में किसान क्लब एवं वन सुरक्षा समिति बनाकर इस प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया गया।
कलाकारों में मुख्यरूप से राजकिषोर सिंह, जितेन्द्र सिंह, बसंती देवी, आषा देवी, राजू, नागेष्वर सिंह, आषीष कुमार, नारायण शर्मा, विजय, राजीव कुमार सिंह, मेरियन सोरेन आदि ने जीवंत भुमिका निभाई। यह कार्यक्रम अगामी 15 फरवरी तक विभिन्न गांवों में किया जायेगा।
   

Tuesday, February 11, 2014

सरकार की विकासात्मक नीतियों, योजनायों एवं कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु गीत-नाट्य कार्यक्रम


11 Feb. 2014. समर्पण की और से सरकार की विकासात्मक नीतियों,
योजनायों एवं कार्यक्रमों अर्थात सुचना का अधिकार, जननी सुरक्षा, एड्स, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, वनाधिकार कानून आदि  के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु गीत-नाट्य कार्यक्रम (हज़ारीबाग़ जिले के बरही, बरकट्ठा, पद्मा एवं चतरा के ईटखोरी ब्लाक मे.) आज समापन हो गया. 


Monday, February 3, 2014

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति के अधिकारों को लेकर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

कोडरमाः 3 फरवरी। दलित अधिकार सुरक्षा मंच, समर्पण, वीर झारखंड विकास सेवा मंच एवं निदान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आज स्थानीय वर्णवाल सेवा सदन, कोडरमा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति के अधिकारों को लेकर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मंच के प्रांतीय संयोजक बिनोद कुमार उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि सर्वहारा वर्ग का जमीन लूट लेना, उनके बहु-बेटे-बटियों को नौकर-नौकरानी बनाकर रखना, सरकारी स्कूलों में हमारे बच्चों को क्वालिटी एडुकेषन नहीं मिलना भी एट्रोसिटी एक्ट का ही हिस्सा है। जरूरत है सर्वहारा वर्ग को जगने और उनकी लड़ाई तेज करने का। उन्होंने कहा योजनाओं व नीतियों को शत-प्रतिषत ग्रासरूट में अनुपालन होने से विकास दिखने लगेगा। इसे जमीन पर उतारने के लिए सामुहिक नेतृत्व, श्रम दान, हर माह संवाद चक्र चलाना एवं जिला में लिगल एड कमिटि एवं सलाहकार कमिटी बनाकर काम करने की सलाह दी और उक्त कमिटी बना भी। जिसमें जिले के अधिवक्ताओं एवं समाज चिंतकों को शामिल किया गया। 
बसपा के जिलाध्यक्ष प्रकाष अम्बेदकर ने कहा कि सामंतवादी व्यवस्था और इससे उपजे व्यवस्थागत खामियों को उखाड़ फेकना पड़ेगा। 
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बालेष्वर राम ने संवैधानिक व सामाजिक अधिकारों को लेकर काफी चर्चा की और कहा कि मात्र षिक्षित होने से विकास संभव नहीं है बल्कि, मानसिक सोच में परिवर्तन लाना जरूरी है। 
दलित चिंतक दिनेष कुमार दास ने कहा कि आज भी दलित समाज हाषिये पर है। उन्होंने कहा कि कानून का अनुपालन जिला में नहीं हो रहा है। 
आर्य राज किषोर मोदी ने कहा कि हमें जाति से उपर उठकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने शराब के विरूद्ध एवं चकबंदी के लिए अभियान चलाने की बात कही। 
अधिवक्ता सह जिला अभिभावक संध के जिलाध्यक्ष राज कुमार सिंह ने कहा कि आज पढे-लिखे फौज खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने षिक्षा अधिकार कानून को जिला में शत प्रतिषत अनुपालन कराने के लिए हर नागरिक को सामाजिक दायित्व के रूप में लेना चाहिए।
अधिवक्ता षिवनंदन शर्मा एवं भुनेष्वर राणा ने कहा कि थाना में एट्रोसिटी के मामले दर्ज तो होते हैं पर अधिकारियों पर राजनीतिक दवाब पड़ने पर उन्हें मजबूरन मामले को झूठे करार कर दिये जाते हैं। 
वार्ड पार्षद अषोक कुमार यादव ने बीपीएल में भारी गड़बड़ी का मामलों को उजागर किया। 
युवा राजद के प्रदेष सचिव सह अनुसूचित जाति-जनजाति निवारण समिति सदस्य अषोक कुमार दास ने कहा कि विषेष अंगीभूत योजनाओं में भारी गड़बड़ी है। उन्होंने कहा कि एट्रोसिटी मामले जो दर्ज हो रहे हैं उस पर उचित मुवाअजा भी नहीं मिल रहा है। 
सिविल सोसाईटी के राम किषुन सुंडी ने कहा कि आज दलित समाज में अज्ञान, आषक्ति और अभाव के विरूद्ध काम करने की जरूरत है। उन्होंन गाय, माय और धरती की रक्षा करने की बात कही। 
कार्यक्रम में मुख्य रूप से समर्पण के कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार, नारायण शर्मा, अधिवक्ता रीना कुमारी, अजय कुमार, पवन पासवान, रेणु वर्णवाल, भोला प्रसाद यादव, सुरेन्द्र प्रसाद, रेणु पांडेय, संजय कुमार, योगेन्द्र गुप्ता, दिलीप कुमार, सत्येन्द्र प्रसाद, तुलसी कुमार साव, बसंती देवी, मीना देवी, सुनिता देवी, देवराज रविदास, नरेष कुमार मोदी, रामू वर्णवाल, मुखिया मंजू देवी, मनोज पासवान संगीता, कल्याण फाउंडेषन के मेरियन सोरेन सहित कोडरमा, चंदवारा, मरकच्चो, जयनगर एवं डोमचांच प्रखंड के 6 दर्जन लोगों ने भाग लिया।
इस संवाद चक्र की अगली बैठक चंदवारा में दिनांक 16 फरवरी एवं 28 फरवरी को मरकच्चो में करने  का निर्णय लिया। 
कार्यक्रम का संचालन समर्पण के सचिव इन्द्रमणि साहू एवं धन्यवाद ज्ञांपन निदान संस्थान के सुनिल कुमार ने किया। 

Friday, January 31, 2014

तरवन गांव में कम्यूनिटी बैठक का आयोजन

जयनगर, 31 जनवरी। ग्रामवाणी कम्यूनिटी मिडिया प्रा0 लि0 एवं स्वयंसेवी संस्था समर्पण के संयुक्त तत्वावधान में आज तरवन गांव में कम्यूनिटी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता हरिओम किसान क्लब के अध्यक्ष श्याम सुन्दर यादव ने किया। बैठक में संदर्भ व्यक्ति के रूप में ग्रामवाणी के मिडिया सह फिल्ड काॅर्डिनेटर अमृता ओझा एवं समर्पण के तुलसी कुमार ने मुख्य रूप से भाग लिया। सुश्री ओझा ने झारखंड मोबाईल वाणी एवं कम्यूनिटी मिडिया के बारे में विस्तार से चर्चा किया एवं इसका लाभ लेने एवं अपनी समस्याओं को जनता और प्रषासन तक पहुंचाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज तकनीक का जमाना है और इस जमाने में तकनीक का सहारा लिये बगैर तरक्की नहीं किया जा सकता है। साथ ही, अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अधिकार हर किसी को है। इसके लिए ग्रामवाणी की ओर से झारखंड के लिए एक टाॅल फ्री नं0 08800097458 दिया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति मिस काॅल करके राज्य भर के समाचार व गीत-कविता, कहानी, चुटकुले आदि सुने जा सकते हैं और अपनी समस्या या अपने आस-पास होने वाली घटनाओं व भावनाओं को भी दूसरों को सुनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्यरूप से मुखिया राजकुमार यादव, हरिओम किसान क्लब के सचिव बसंत यादव, शंकर कुमार, पवन यादव, गंजाधर यादव, सतीष मालाकार, सुखदेव यादव, महेंद्र यादव, संजय यादव आदि लोग उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञांपन समर्पण के कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार ने किया।

Thursday, January 30, 2014

आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

जयनगरः 30 जनवरी। स्वयंसेवी संस्था समर्पण, नाबार्ड एवं बैंक आॅफ इंडिया के पिपचो शाखा के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र जयनगर में झारखंड किसान क्लब, तिलोकरी, ज्ञानोदय किसान क्लब, बेहराडीह एवं समर्पण किसान क्लब, खरपोका के लिए आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, नाबार्ड के डीडीएम भास्कर मृृृधा, उधान विषेषज्ञ भुपेन्द्र सिंह, कृषि विषेषज्ञ चंचिला कुमारी एवं समर्पण के सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि जिला व देष में योजनाओं व सुविधाओं की कमी नहीं है। लेकिन, जानकारी के अभाव में लोग सुविधाओं व योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में तकनीक आ गया है लेकिन, गांव के किसान आज भी वही पुरानी कृषि तकनीक को ठो रहे हैं। उन्होंने समय के अनुसार सबों को बदलने और विकास के लिए तकनीक का सहारा लेने का अहवान किया।
डीडीएम भास्कर मृधा ने किसान क्लब के गठन की प्रक्रिया, उद्देष्य, भुमिका एवं क्लब को मिलने वाले लाभ को लेकर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने कहा कि बैंक से मिलने वाला ऋण का यदि सही इस्तेमाल नहीं किया गया तो वह हमें अपाहिज बना देता है। उन्होंने ग्रुप को डिफोल्टर होने से बचने एवं समूह को सक्रिय  बनाये रखने की विधि भी बताये।
भुपेन्द्र सिंह ने श्रीविधि से होने वाले लाभ, और जयनगर में खेती की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को फलों व फूलों की भी खेती करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज इसकी मांग बढ़ी है और अच्छी कमाई है।
 चंचिला कुमारी ने मषरूम की खेती और इसके लाभ से जुड़े बिन्दुओं पर प्रकाष डाला। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र का लाभ किसान नहीं उठा पा रहे हैं। हमारे कृषि वैज्ञानिक हर दृष्टिकोण से किसानों को मदद देने के लिए तैयार है पर कोई किसान लाभ लेने के लिए तैयार ही नहीं है। इसलिए हमलोगों का काफी समय यूं ही बैकार बैठकर गुजारना होता है। यह जिले के किसान के लिए दुर्भाग्य ही है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में किसान क्लब के बेहतर संचालन, रख-रखाव, लेखा-जोखा, पत्राचार आदि पर प्रकाष डाला गया। कार्यक्रम में उक्त तीनों कल्ब के कुल 55 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सतीष मालाकार, नारायण शर्मा, सुनिता देवी, बसंती देवी, मीना देवी, रामेष्वर यादव, रामप्रवेष यादव, सतीष साव, सिकेन्द्र यादव, रामलाल आदि का सहयोग रहा। विषय प्रवेष संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने एवं धन्यवाद ज्ञांपन कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार ने किया।

Sunday, January 19, 2014

ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHND) सषक्तिकरण अभियान प्रारंभ

कोडरमाः 16 जनवरी। युनिसेफ के सहयोग से स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं सिनी के संयुक्त तत्वावधान में आज से ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सषक्तिकरण अभियान प्रारंभ किया गया। इस अभियान के तहत अगामी 28 फरवरी 2014 तक कोडरमा, जयनगर एवं डोमचांच प्रखंड के 80 चिन्हित ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सह आंगनबाड़ी केंद्रों का आकलन किया जायेगा।
 साथ ही, संस्था के प्रषिक्षित फैसलिटेटर चिन्हित आंगनबाड़ी/VHND केंद्र पर उपस्थित रहकर ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस को बेहतर संचालन-संपादन में सहयोग प्रदान करेंगे। साथ ही, संस्था के प्रतिनिधि आंगनबाड़ी माॅनिटरिंग कमिटी के सहयोग से एक समीक्षा प्रपत्र भरेंगे। जिसके आधार पर अगामी 10 March 204 तक विभिन्न स्टेक होल्डर के साथ VHND सषक्तिकरण हेतु सेमिनार/कार्यषाला का आयोजन किया जायेगा। 

Thursday, December 19, 2013

बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत जन्म निबंधन सप्ताह सह कैंप का आयोजन

कोडरमाः19 दिसंबर। बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत स्वयंसेवी संस्था समर्पण द्वारा जन्म निबंधन सप्ताह सह कैंप का आयोजन किया जा रहा है। दिनांक 18 दिसंबर को कोडरमा प्रखंड अंतर्गत इंदरवा पंचायत के नावाडीह एवं गेंदवाडीह में कैंप का आयोजन किया गया। वहीं गुरूवार को चितरपुर एवं सलैयडीह गांव में जन्म निबंधन कैंप का आयोजन किया गया। इसी तरह 20 दिसंबर को इंदरवा एवं झरीटांड, 21 दिसंबर को लोकाई एवं बलरोटांड, 22 दिसंबर को बसघरवा एवं 23 दिसंबर को रतिथम्भाई गांव में आयोजन किया जायेगा। मौके पर संस्थान के प्रतिनिधियों द्वारा 0-1 आयुवर्ग के बच्चों के जन्म निबंधन हेतू आवेदन प्राप्त किया जा रहा है। साथ ही, नुक्कड़ सभा का आयोजन कर जन्म निबंधन के प्रति जागरूकता पैदा किया जा रहा है। संस्थान के विजय राम ने कहा कि जन्म निबंधन कराने के कई फायदे हैं जैसे-नागरिकता व संपति का अधिकार, राषन कार्ड तथा अन्य सरकारी योजनाओं में लाभ, स्कूल-काॅलेज में दाखिला, जाति एवं आय प्रमाण पत्र बनवाने में सहूलियत, आरक्षण आदि का लाभ। संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने बताया कि जन्म से 21 दिनों के अंदर निःषुल्क, 22 दिनों से 1 वर्ष तक 5 रूपये शुल्क के साथ एवं 1 वर्ष से उपर कचहरी द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र एवं 10 रूपये विलंब शुल्क के साथ यह निबंधन होता है। 
कार्यक्रम को सफल बनाने में जागो फाउंडेषन के अलावे स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों, पंचायत सेवक, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं सहिया का विषेष सहयोग मिल रहा है। कार्यक्रम में मेरियन सोरेन, अजीमुल्लाह खान, बिन्दु देवी, सहिया रूपा देवी, बसंती देवी, राज किषोर सिंह, भीखी यादव, विजय यादव, शषी देवी, चमेली देवी, पिंकी देवी, सुनिता देवी आदि लोगों की सक्रिय भागीदारी रही।

Tuesday, December 17, 2013

मेरे पापा सबसे अच्छे विषय Awareness prog. का आयोजन

कोडरमाः 17 दिसंबर। जिम्मेदार पितृत्व अभियान के तहत स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं फेम झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में आज म0 वि0 सलैयडीह स्कूल प्रागंण में मेरे पापा सबसे अच्छे विषय Awareness prog. का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदरवा पंचायत के मुखिया अनिता देवी ने किया। मौके पर इंदरवा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य तारा देवी, प्रधानाध्यापक सहदेव राम, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू, पारा षिक्षक विजय यादव, क्रेज के तुलसी कुमार आदि उपस्थित थे।

मौके पर मुखिया अनिता देवी ने कहा कि बेटी के पढ़ने का मतलब सात पीढ़ी तक का उबारना होता है। उन्होंने कहा कि सदियों से बेटियों एवं महिलाओं के उपर शोषण होता आ रहा है। पर, अब जमाना बदला है। बेटियां अब इतिहास लिख रही हैं। उन्होंने बाल अधिकारों के संरक्षण पर विषेष प्रकाष डाला। 
पंसस तारा देवी ने कहा कि जेंडर के प्रति संवेदनषीलता जरूरी है। बेटे-बेटियों में भेदभाव करने का जमाना चला गया है। 
प्रधानाध्यापक श्री राम ने कहा कि आये दिन हो रहे शोषण और अपराध को रोकने के लिए पढ़ाई पढ़ना और साहसी बनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिता की जिम्मेदारी सिर्फ पैसा कमाकर लाना नहीं होता है बल्कि, अपनी पत्नी को सहयोग करने और बच्चों के लालन-पालन में भी होनी चाहिए। 

संगोष्ठी को क्रेज के तुलसी कुमार, कल्याण फाउंडेषन के मेरियन सोरेन, भीखी यादव, रेखा कुमारी आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में भारी संख्या में स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया। 
विषय प्रवेष संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं धन्यवाद ज्ञांपन विजय राम ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्ररेणा भारती, मधुपुर एवं सीएचएसजे, नई दिल्ली का विषेष सहयोग रहा।


Sunday, December 15, 2013

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं भूमि अधिकार से जुड़े मुद्दों पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन

कोडरमाः 15 दिसंबर। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं दलित अधिकार सुरक्षा मंच के संयुक्त तत्वावधान में आज पंचायत भवन झुमरी में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं भूमि अधिकार से जुड़े मुद्दों पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता झुमरी पंचायत के मुखिया महादेव राम ने किया। मौके पर पंसस गणेष दास, समाजसेवी नारायण दास, वार्ड सदस्य मीना देवी, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू, मंजू देवी, कल्याण फाउंडेषन के सचिव मेरियन सोरेन आदि उपस्थित थे।
मुखिया महादेव राम ने कहा कि दलित समाज में आज सबसे ज्यादा खर्च दारू पीने-पिलाने में हो रहा है। जबकि, कमाई का ज्यादा हिस्सा बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में निवेष किया जाना चाहिए। यदि ऐसा हुआ तो सामाजिक सुरक्षा का सवाल हो, जीविका का सवाल हो या फिर भूमि पट्टा का सवाल, सभी हल होने की संभावना बढ़ जाती है।
वरिष्ठ समाज सेवी नारायण दास ने कहा कि महिलाएं आज कहीं सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि दलित समाज आज जिल्लत भरी जिंदगी जी रहे हैं। इसके लिए उन्होंने कानून एवं नीतियों में जो प्रावधान है उसे लड़कर लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने हिस्से का हक पाने के लिए उपर से कोई फरिष्ता नहीं आने वाला, बल्कि खूद लड़ना होगा।
पंसस गणेष दास ने कहा कि झारखंड में 1 करोड़ 80 लाख युवा है। लेकिन, उनके पास आज कोई बेहतर सपना नहीं है। वे अपना भविष्य आंक नहीं पा रहे हैं। युवा यदि सषक्त व जागरूक होकर सरकार की ओर से चलाये जा रहे योजनाओं को ग्रासरूट में उतारने का पहल मात्र प्रारंभ करे तो फिर गांव का तस्वीर ही बदल जायेगा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, मंहगाई और पलायन से मुक्ति की दिषा में जाने के लिए हमें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और भूमि अधिकार से जुड़े नीतियों-कानूनों को अमलीजामा पहनाना ही होगा।
विषय प्रवेष कराते हुए संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा कि झारखंड में 90 फीसदी लोगों का जीविका का मुख्य स्रोत जमीन है और उनकी कौषलता खेती करना रहा है लेकिन, दुर्भाग्य यह है कि यहां 77 लाख परिवारों में करीब 34 लाख परिवार भूमिहीन है। सरकार की ओर से बंजर जमीन दलितों, गरीबों व भूखे लोगों को नहीं मिल कर आज पंूजीपतियों एवं उधोगपतियों को बड़े पैमाने पर जमीन मुहैया कराया जा रहा हैं। वन अधिकार कानून के तहत भी आज गरीबों, दलितों व वनवासियों को जमीन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब जमीन का मसला हल होने पर पूरा झारखंड खुषहाल होगा। उन्होंने कहा वन अधिकार कानून के तहत जिला में माॅनिटरिंग कमिटी बनी है पर किसी को आज तक नहीं मालूम हुआ कि कमिटि कर क्या रही है। उन्होंने कहा कि महिला मंडलों, किसान क्लबों, युवा क्लबों एवं ग्राम सभाओं को मजबूत व सषक्त करने के उद्देष्य से यह सेमिनार का आयोजन किया गया है।
मौके पर बसंती देवी, कपुरवा देवी, चमेली देवी, नेहा देवी, कुंती देवी, सुनिता देवी, विजय राम, बुधनी देवी, अनिल यादव, निरंजन कुमार, रोहित कुमार, पवन कुमार, सुधीर कुमार, मधु देवी, कविलास देवी, विक्कू कुमार, रेणु देवी, राखी कुमारी, आषा देवी, रीना देवी, दुलारी देवी, एसएमसी अध्यक्ष रमेष प्रसाद यादव, नारायण शर्मा सहित जयनगर एवं कोडरमा से कुल 80 लोगों ने भाग लिया।
धन्यवाद ज्ञांपन प्रखंड समन्वयक आषीष कुमार ने किया। 

Sunday, September 29, 2013

बाल अधिकारों के संरक्षण में पुरूषों की जिम्मेदार पिता के रूप में भूमिका विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन

Koderma, 29 सितंबर 2013। स्वयंसेवी संस्था समर्पण, सीएचएसजे, New Delhi एवं फेम झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में जयनगर स्थित तुफान पुस्तकालय भवन में आज बाल अधिकारों के संरक्षण में पुरूषों की जिम्मेदार पिता के रूप में भूमिका  विषय पर एकदिवसीय प्रखंडस्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बालेष्वर राम, विषिष्ठ अतिथि ज्ञान विज्ञान समिति के सचिव जयप्रकाष यादव, अतिथि अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मो0 गुलाम सरवर, वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद सिंह सुमन, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे।
सेमिनार में भारी संख्या में नौजवान एवं महिलाएं उपस्थित थे। सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बालेष्वर राम ने कहा कि देष में हिंसाएं लगातार बढ़ रही हैं। घर हो या बाहर आज महिलाएं व बच्चे कहीं सुरक्षित नहीं हैं। उनके सुरक्षित बचपन व जिंदगी देने के लिए हम परूषों को अपनी सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना होगा। उन्होंने भेदभाव रहित व हिंसा मुक्त परिवार व समाज बनाने के लिए समाज को आगे आने की बात कही।
अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मो0 गुलाम सरवर ने कहा कि हिंसा व भेदभाव एक सामाजिक समस्या है और इसका समाधान कानून से नहीं हो सकता बल्कि समाज के जरिए ही हो सकता है। जयप्रकाष यादव ने कहा कि बच्चे आज शारीरिक शोषण होने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी शोषित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में जेंडर समानता कायम करना अतिआवष्यक है। महिलाओं के साथ-साथ पुरूषों को भी इसके लिए आगे आने की जरूरत है।
संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने विषय प्रवेष कराते हुए कहा कि एक पुरूष या पिता की भुमिका सिर्फ पैसा कमाना, संसाधन जुगाड़ करना या घर-परिवार में अनुषासन बनाए रखना नहीं है बल्कि उनकी जबावदेही व जिम्मेदारी इससे इतर भी है। उन्होंने कहा कि पिता का मतलब आज बच्चों के मन में डर पैदा करने वाला शब्द हो गया है। जबकि, एक पिता को अपने घर के महिलाओं, पत्नी व बच्चों के बीच भावनात्मक तरीके से भी वजूद कायम करने की जरूरत है।
सेमिनार में मुख्य रूप से पंसंस रामदेव राम, वार्ड सदस्य राजकुमार सिंह, मंजू देवी, सुनिता देवी, बसंती देवी, सतीष मालाकार, कुसूम देवी, विजय राम, शबाना खातुन, रितू देवी, ममता सिंह, मनिषा सोनी, पुष्पा देवी, मजबून निषा, मीना देवी सहित करीब तीन दर्जन लोगों ने भाग लिया। संचालन प्रखंड समन्वयक आषीष कुमार एवं धन्यवाद ज्ञांपन राजेन्द्र प्रसाद सिंह सुमन ने किया।

Saturday, September 21, 2013

लोकतंत्र में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने हेतु प्रखंडस्तरीय बाल संसद का आयोजन





बाल अधिकार जागरूकता अभियान अंतर्गत स्वयं सेवी संस्था समर्पण एवं जागो फाउंडेषन के संयुक्त तत्वावधान में लोकतंत्र में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने हेतु प्रखंडस्तरीय बाल संसद का आयोजन किया गया। जिसमें इंदरवा एवं लोकाई पंचायत के 7 मध्य विधालयों के बाल संसदों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बालेष्वर राम, विषिष्ठ अतिथि क्रेज के राज्य समन्वयक जेरोम जेराल्ड कुजूर, प्रधानाध्यापक सुभाष चंद्र, स्कूल प्रबंधन समिति के ईष्वर राम, समर्पण के सचिव इन्द्रमणि साहू एवं रंगकर्मी डीएमडी अल्गुन्दिया आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अतिथियों ने बच्चों को संबोधित किया वहीं दूसरे सत्र में बच्चों द्वारा  संसदीय सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें अध्यक्ष की भुमिका में पंकज कुमार, प्रधान मंत्री करिष्मा कुमारी, स्वास्थ्य एवं पोषाहार मंत्री लक्ष्मी कुमारी, जल मंत्री विकास कुमार, बागवानी एवं पर्यावरण मंत्री गुडिया कुमारी एवं विपक्ष की भुमिका में नीतु कुमारी, सुनैना कुमारी, कालिका कुमारी, रेखा कुमारी, तेजनी कुमारी एवं रिंकी कुमारी आदि की भुमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम के माध्यम से मध्याहन भोजन, शौचालय, चाहरदिवारी, पेयजल, पौषाक आदि सहित कई मामले उठाये गये।

Friday, September 6, 2013

Child Right Awareness Campaign: An Achievement.

बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत संस्था द्वारा किये गये अथक प्रयास के बाद कोडरमा जिला अंतर्गत लोकाई एवं चितरपुर स्थित बिरहोर टोला के बच्चे अब स्कूल जाने लगे हैं। हलांकि, आज भी नियमित माॅनिटरिंग नहीं होने पर छीजन की आषंका बढ़ जाती हैं।

nukkad natak for awareness.



सांस्कृतिक संस्था समर्पण के कला जत्था द्वारा कोडरमा जिला अंतर्गत सतगावां, डोमचांच, मरकच्चो एवं जयनगर प्रखंड अंतर्गत कुल 51 प्रमुख स्थलों/गांवों में क्षेत्रीय भाषा में नुक्कड़ नाटक एवं गीत-ंउचयसंगीत के माध्यम से लोगों को विकासषील योजनाओं व नीतियों की जानकारी दी गयी।  पिछले साल 120 प्रमुख स्थलों पर नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को मनोरंजक तरीके से योजनाओं की जानकारी दी गयी थी। इस साल इस कार्यक्रम के तहत लोगों को मनरेगा, नषापान के दुष्परिणाम, मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाड़ली योजना, सूचनाधिकार अधिनियम, वनाधिकार कानून, डायन, जननी सुरक्षा योजना, सेवा देने की गारंटी अधिनियम, दहेज, बाल विवाह आदि की जानकारी दी गयी। संस्था द्वारा यह कार्यक्रम पिछले 8 वर्षो से किया जा रहा है। जिससे लोगों में जागरूकता आ रही है और उनकी पहुंच योजनाओं तक हो रही है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अलावे स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों की भुमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम का संचालन व नेतृत्व संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं रंगकर्मी डीएमडी अल्गुन्दिया के द्वारा किया गया। कलाकारों में मुख्य रूप से राज किषोर सिंह, बसंती, मेरियन, मोनू, जितेन्द्र सिंह, मण्डे, रिंकी कुमारी, नागेष्वर सिंह, गौतम कुमार, मंगर पंडित आदि की भुमिका सराहनीय रही।





Wednesday, August 14, 2013

आज सबसे ज्यादा उपेक्षित किसान और दिग्भ्रमित युवा वर्ग ही है - गणपत यादव

संस्था समर्पण, नाबार्ड एवं बैंक आफ इंडिया के पिपचो शाखा के संयुक्त तत्वावधान में बाघमारा गांव में गठित आदर्ष किसान क्लब का उद्घाटन रूपायडीह पंचायत के मुखिया गणपत यादव ने फीता काटकर किया गया। मौके पर उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुखिया गणपत यादव ने कहा कि किसान और जवान ही देष की री-सजय़ है। लेकिन आज सबसे ज्यादा उपेक्षित किसान और दिग्भ्रमित युवा वर्ग ही है। उन्हें इस दषा से उबारने के लिए ही गांव-गांव में किसान क्लब का ग-सजय़न किया जा रहा है। उन्होंने संस्था एवं नाबार्ड के कार्या की सराहना करते हुए कहा कि किसान क्लब जितना सषक्त होगा हमारी कृषि व्यवस्था उतनी ही सुदृ-सजय होगी।
विषय प्रवेष कराते हुए संस्था सचिव इन्द्रमणि ने कहा कि खेती ही एक ऐसा क्षेत्र है जो हमें स्थायी विकास की दिषा में ले जाता है। उन्होंने कहा कि लोग आपाधापी में रोज नये-नये तकनीक और विधि अपना रहे हैं। उन्होंने इसके खतरे को भी इंकित करते हुए कहा कि विज्ञान वरदान भी है और अभिषाप भी। हमें एक हद तक ही इस तकनीक और विधि को अपनाना है और खेती परंपरा को कायम रखना है। उन्होंने किसान क्लब की महता पर प्रकाष डालते हुए कहा कि लोग रोजगार की तलाष में मुंबई, दिल्ली, सुरत आदि महानगरों में जाते हैं। जबकि, खेती को एक उधोग या अवसर के रूप में नहीं देख रहे हैं। खेती के क्षेत्र में विकास और तरक्की के असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के चक्कर में न पडं बल्कि पारंपरिक तरीके को ही आधुनिक रूप देकर हम अपनी फसल को कई गुणा ब-सजय़ा सकते हैं। उन्होंने क्लब के रख-रखाव, संचालन के लिए आवष्यक मार्गदर्षन किया एवं क्लब को संस्था समर्पण, नाबार्ड एवं बैंक से मिलने वाली सुविधाओं को भी विस्तार से रखा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपमुखिया विरेन्द्र यादव, समाजसेवी केदार यादव, शक्ति कुमार गुप्ता, मनोज यादव, मोहन यादव अवध किषोर गुप्ता, संतोष यादव, प्रमेष्वर यादव, बिगन महतो, प्रदीप कुमार, उत्क्रमित प्राथमिक विधालय के प्रधानाघ्यापिका संतोषी कुमारी, गणेष महतो, नंदकिषोर गुप्ता, सचिन कुमार गुप्ता, विवेकानंद यादव, दिनेष यादव, सुनिल यादव, रामावतार यादव, प्रखंड समन्वयक आषीष कुमार, एजाज खान आदि उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञांपन शक्ति कुमार गुप्ता ने किया।

Tuesday, June 25, 2013

नईटांड गांव में भारती किसान क्लब का उद्घाटन

स्वयंसेवी संस्था समर्पण, नाबार्ड एवं स्टेट बैंक आॅफ इंडिया के जयनगर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में 25 जून को नईटांड गांव में भारती किसान क्लब का उद्घाटन किया गया। मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में जिप सदस्य रेखा देवी, विषिष्ठ अतिथि के रूप में एसबीआई जयनगर शाखा प्रबंधक सत्यम षिवम सुन्दरम, मुखिया किषोर साव, समर्पण के सचिव इन्द्रमणि साहू, प्रखंड समन्वयक आषीष कुमार सोनी, बेको मुखिया प्रतिनिधि मो0 इस्लाम अंसारी आदि उपस्थित थे। क्लब कार्यालय का उद्घाटन फीता काटकर किया गया।
मौके पर आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिप सदस्य रेखा देवी ने कहा कि क्लब यदि सक्रिय हुआ तो किसान अपने जमीन से फसल नहीं, बल्कि सोना उगायेंगे। उन्होंने कहा कि परिश्रम ही सफलता की पूंजी है। किसान जितना परिश्रम करेंगे, हमारा समाज व देष उतना ही आगे ब-सजय़ेगा।
शाखा प्रबंधक सत्यम षिवम सुन्दरम ने कहा कि क्लब के गठन के साथ ही इनके सदस्यों पर एक बड़ी जिम्मेवारी आन पड़ी है। अब इस क्लब को सभी किसानों के हित में काम करना एवं पहचान कायम करना है। उन्होंने कहा कि बैंकों के माध्यम से किसानों को समय≤ पर ऋण मिलता ही है, जरूरत है उस ऋण का सदुपयोग करना। यदि किसान ऋण का सदुपयोग कर लिया तो निष्चित रूप से किसानों का भला होगा। क्षेत्र का विकास होगा। मुखिया किषोर साव ने कहा कि हमारा यह किसान क्लब जिला का एक माॅडल किसान क्लब बनेगा। उन्होंने कहा कि किसान आज सबसे ज्यादा उपेक्षित है। इस उपेक्षा के खिलाफ हमारा यह किसान क्लब एक प्रेषर ग्रुप के रूप में भी काम करेगा।
विषय प्रवेष कराते हुए संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा कि खेतों और खलिहानों के जरिए किसानों के चेहरे पर हरियाली व खुषहाली लाने के मकसद से गांव-ंउचयगांव में किसान क्लब का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान ही देष का री-सजय़ है। किसान क्लब को संस्था, बैंक और नाबार्ड द्वारा समय≤ पर आर्थिक, तकनीकी व वैचारिक सहयोग प्रदान करेगी। मुखिया प्रतिनिधि मो0 इस्लाम अंसारी ने कहा कि आज जनसंख्या जिस गति से ब-सजय़ रहा है उसी रफतार से जमीन के टुकड़े-ंउचयटुकड़े हो रहे हैं। इस परिस्थिति में हम कैसे कम पूंजी, कम पानी, कम संसाधन, कम परिश्रम में ज्यादा फसल उगायेंगे इसे सीखने की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि किसान क्लब यदि अच्छा काम किया तो भुख से एक भी आदमी नहीं मरेगा।
समारोह को जिप सदस्य प्रतिनिधि अरूण कुमार राणा, आषीष कुमार सोनी, सुनिल कुजूर, दषरथ प्रसाद तिवारी, बज्र किषोर साव आदि ने भी संबोधित किया। संचालन राजेष कुमार एवं धन्यवाद ज्ञांपन रामेष्वर साहू ने किया।


Friday, June 21, 2013

यहां के 70 प्रतिषत जनसंख्या की आजीविका कृषि पर आधारित है।

जिला कृषि पदाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि यहां के 70 प्रतिषत जनसंख्या की आजीविका कृषि पर आधारित है। यहां ज्यादातर खेती वर्षा पर निर्भर है। इसलिए वर्षा पानी का संरक्षण एवं खेती करने के बेहतर और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर हम अपने एवं समाज को सुदृ-सजय कर सकते है। उन्होंने किसानों को नये-नये तकनीक के जरिए खेती करने का सलाह दिया।

तीन किसान क्लबों के लिए आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

स्वयंसेवी संस्था समर्पण, नाबार्ड एवं बैंक आॅफ इंडिया के पिपचो एवं जयनगर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में 20 जून 2013 को कृषि विज्ञान केंद्र, जयनगर में तीन किसान क्लब का आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ज्ञानोदय किसान क्लब, बेहराडीह, यादव किसान क्लब, भुवालडीह एवं हुसैन किसान क्लब, गरचांच के लगभग 40 सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, नाबार्ड के डीडीएम भास्कर मृधा, केवीके के कार्यक्रम समन्वयक डा0 विनय कुमार सिंह एवं बैंक आॅफ इंडिया के जयनगर शाखा प्रबंधक केसी दास आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रजवल्लित कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि यहां के 70 प्रतिषत जनसंख्या की आजीविका कृषि पर आधारित है। यहां ज्यादातर खेती वर्षा पर निर्भर है। इसलिए वर्षा पानी का संरक्षण एवं खेती करने के बेहतर और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर हम अपने एवं समाज को सुदृ-सजय कर सकते है। उन्होंने किसानों को नये-नये तकनीक के जरिए खेती करने का सलाह दिया।
डीडीएम भास्कर मृधा ने कहा कि किसान क्लब गांव के लिए एक छोटी ईकाई जरूर है। लेकिन, खेती जगत के लिए काफी महत्वपूर्ण ईकाई है। किसान क्लब जितना सषक्त व जागरूक होगा, खेती व्यवस्था उतनी ही सुदृ-सजय और स्थायी होगा। उन्होंने स्वावलंबी और स्वाभिमानी बनने के लिए किसान क्लब को आगे आने का अहवान किया। डा. विनय कुमार सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा किसानों व समूहों के लिए कई कार्यक्रम चलाये जा रहे है। सब्जी, फल-फूल, बकरी पालन, मषरूम आदि का निःषुल्क प्रषिक्षण प्राप्त कर अपने जीविकोपार्जन को सरल और आसान बना सकते हैं। उन्होंने केवीके से सभी किसानों को संपर्क बनाए रखने की बात कही। शाखा प्रबंधक श्री दास ने कहा कि किसानों को आज तकनीकी ज्ञान हासिल कर आधुनिक तरीके से खेती करने की आवष्यकता है। उन्होंने केसीसी एवं बैंक लोन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि डिफोलटर नहीं होने पर बैंक किसानों हमेषा लोन देती रहती है। इससे किसानों को आगे ब-सजय़ने में सहायता मिलती है। महाजनों एवं पूंजीपतियों के चगंुल में फंसने से बचाव होता है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में लेखा व कार्यवाही पंजी का संधारण, क्लब के क्रियाकलाप, दस्तावेजीकरण एवं व्यवहारिक प्रषनावली पर चर्चा किया गया। कार्यक्रम में मुख्यरूप से मेरियन सोरेन, सुनिता देवी, बसंती देवी, अजमल खां, मो0 सुलेमान, अनवर हुसैन, एजाज अहमद, रामावतार सिंह, धनेष्वर, इम्तियाज अंसारी, रंजीत कुमार रजक, अरविन्द कुमार यादव, महेष यादव, रामचन्द्र यादव, रामू यादव सहित 40 किसान उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं धन्यवाद ज्ञापंन प्रखंड समन्वयक आषीष कुमार ने किया।