Sunday, June 22, 2014

स्वास्थ्य एवं पोषण मेला का आयोजन

बकोडरमाः 22 जून। बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत स्वयंसेवी संस्था समर्पण के द्वारा आज पंचायत भवन लोकाई में एकदिवसीय स्वास्थ्य एवं पोषण मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बैंक आॅफ इंडिया मरकच्चो शाखा के अधिकारी घनष्याम दास ने किया। अतिथियों में कानूनी सहायता केंद्र के बालेष्वर राम, समाजसेवी नारायण शर्मा, सुधीर कुमार आदि उपस्थित थे। संचालन संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने किया। 
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि घनष्याम दास ने कहा कि 70 प्रतिषत महिलाएं एवं किषोरियां आज ऐनिमिया के षिकार हैं। उन्होंने पौष्टिकता एवं जीवनचर्या को बेहतर करने एवं हर परेषानी में टेंषन फ्री रहने की सलाह दी। उन्होंने सरकार की ओर से मिलने वाली पोषाहार योजना एवं आंगनबाड़ी केंद्रो के सेविका व सहायिका की भुमिका पर विषेष प्रकाष डाला।
बालेष्वर राम ने कहा कि सुबह जल्दी उठना एवं यथासंभव व्यायाम करना हर किसी के लिए जरूरी है। सुबह की ताजी हवा किसी औषधी से कम नहीं है। उन्होंने किषोरियों व महिलाओं को स्वस्थ्य रहने के कई गुर बतलाये। 
नारायण शर्मा ने कहा कि साफ हाथ में दम है, इसलिए खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से दोनों हाथ अवष्य धोना चाहिए। चुंकि, हाथों के जरिये ही ज्यादा किटाणु, विषाणु और जीवाणु हमारे पेट में पहुंचता है। 
कार्यक्रम में इंदरवा एवं लोकाई पंचायत के गांवों में गठित किषोरी क्लबों एवं महिला मंडलों के सदस्यों ने भाग लिया। 
 कार्यक्रम के दूसरे सत्र में किषोरियों के लिए कई खेल-कूद, वाद-विवाद, गीत-संगीत, प्रष्नातरी, लेखन आदि कार्यक्रम किये गये।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार, सुनिता देवी, बसंती देवी, मेरियन सोरेन, करिष्मा कुमारी, प्रिंयका कुमारी, काजल कुमारी, रिंकी कुमारी, ज्योति कुमारी, पूनम कुमारी, नीतु कुमारी, राहूल, राजेष, कविता कुमारी, मधु, आरती, चांदनी, रानी, यषोदा, टिंकी सहित 60 लोगों ने भाग लिया। 

Saturday, June 21, 2014

सनराईज किसान क्लब का उद्घाटन एवं क्लब के सदस्यों को आधारस्तरीय उन्मुखीकरण प्रषिक्षण

जयनगर: 21 जून। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में भुईयांटोला-कटिया गांव में गठित सनराईज किसान क्लब का उद्घाटन उपमुखिया सहदेव यादव ने किया। वहीं दूसरे सत्र में उ0 प्रा0 वि0 भुईयांटोला के प्रागंण में क्लब के सदस्यों को आधारस्तरीय उन्मुखीकरण प्रषिक्षण दिया गया। प्रषिक्षण षिविर में जिप सदस्य रेखा देवी, जिला कृषि विभाग के हरिष कुमार सिंह, मुखिया महेष राम, अरूण कुमार, समाजसेवी नारायण शर्मा, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एसएमएस प्रमोद कुमार आदि उपस्थित थे। 
जिला कृषि विभाग के हरिष कुमार सिंह ने कृषि विभाग एवं आत्मा से संचालित योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने कहा कि जिले में सूक्ष्म सिंचाई योजना संचालित है जिसमें किसानों के लिए 90 प्रतिषत अनुदान दिया जाता है। उन्होंने कम पानी व कम पूंजी में अत्यधिक उपज लेने के लिए प्रोनटीबल स्प्रींगल एवं मिनि स्प्रींगल का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने टपक सिंचाई योजना की महता पर भी प्रकाष डाला। 
एसएमएस प्रमोद कुमार ने श्रीविधि से खेती करने एवं बैंकों से जुड़ने की सलाह दी। जिप सदस्य रेखा देवी ने कहा कि किसान ही हमारे देष की रीढ़ हैं और खेत हमारे लिए स्वरोजगार का एक प्रमुख साधन है। उन्होंने महानगरों में जाकर नौकरी करने के बजाय अपने खेत पर ही मेहनत करने की सलाह दी। 
समाजसेवी नारायण शर्मा ने कहा कि किसानों के जगने से विभाग भी सक्रिय हुए हैं। विभाग की योजनाएं क्षेत्र में पहुंचने लगी है। उन्होंने खेती को बढ़ावा देने के लिए तकनीक का सहारा लेने, मिट्टी जांच कराने, बीजोपचार कराने, कृषि विज्ञान केंद्र से संबंध स्थापित करने की सलाह दी। 
संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने किसान क्लब के उद्देष्यों पर प्रकाष डालते हुए कहा कि  क्षेत्र में हरित क्रांति लाने के उद्देष्य से गांव-गांव में किसान क्लब का गठन किया जा रहा है। लेकिन, गठन या प्रषिक्षण मात्र से हरित क्रांति नहीं आयेगा बल्कि, क्लब को अपनी भूमिका में आना होगा। संबंधित विभागों से सहयोग व संबंध बनाते हुए योजनाओं को गांव में उतारना होगा। 
क्लब के सदस्यों को क्लब के रख-रखाव, संचालन के तरीके, विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं की जानकारी, क्लब की सफलता के मूलमंत्र, वितीय समावेषन, मौसमानुसार खेती के विवरण, पषुपालन, मतस्य, उघान, डेयरी, बानगी आदि के लाभ आदि को लेकर जानकारी दी गई। 
षिविर में मुख्य रूप से क्लब के सचिव जीतन पंडित, कोषाघ्यक्ष बिनोद भुईयां, वार्ड सदस्य राधा देवी, मोनू कुमार, महेन्द्र यादव, बसंत, दुलारचन्द्र राम, महेन्द्र यादव, राजेन्द्र, बसंती देवी, निरजा देवी, शारदा देवी सहित गांव के दर्जनों किसान उपस्थित थे। 


Wednesday, June 18, 2014

तरवन गांव में गठित हरि ओम किसान क्लब का उद्घाटन

जयनगर: 18 जून। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में तरवन गांव में गठित हरि ओम किसान क्लब का उद्घाटन मुखिया अंजु देवी ने किया। वहीं दूसरे सत्र में किसान क्लबों के सदस्यों को आधारस्तरीय उन्मुखीकरण प्रषिक्षण भी दिया गया। मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि डीडीएम भास्कर मृधा ने कहा कि किसान जितना जगेंगे उतना ही हमारा यह गांव, समाज व देष आगे बढे़गा। उन्होंने किसानों को श्रीविधि से खेती करने, बैंकों एवं अन्य संबंधित विभागों से आर्थिक व तकनीकी सहयोग लेकर आगे बढ़ने की बात कही। 
संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा कि किसान ही हमारे देष की रीढ़ हैं। किसान क्लब जहां सक्रिय हुआ वहां सुखाड़ व अकाल का सामना नहीं करना पड़ा है। उन्होंने किसान क्लब के संचालन एवं विभिन्न विभागों से सहयोग लेने के तरीकों पर प्रकाष डाला।
मुखिया अंजू देवी ने कहा कि आज सबसे ज्यादा उपेक्षित किसान और दिग्भ्रमित युवा वर्ग है। उन्हें इस दषा से उबारने के लिए ही संस्था द्वारा इस तरह का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने संस्था के द्वारा किये गये पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज नये-नये तरीकों व तकनीकों का सहारा लेकर खेती करने की जरूरत है। 
षिविर में मुख्य रूप से श्यामसुन्दर यादव, बसंत कुमार यादव, कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार, समाजसेवी नारायण शर्मा, शमीम अंसारी, गजाधर यादव, सरयू यादव, किसून यादव, बंसती देवी, शांति देवी, आरती देवी सहित गांव के दर्जनों किसान उपस्थित थे। 

Tuesday, June 17, 2014

हमारा अस्तित्व किसानों के बदौलत ही है-मुखिया अंजनी देवी

जयनगर: 16 जून। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में करियावां गांव में गठित मां भवानी किसान क्लब का कार्यालय का उद्घाटन मुखिया अंजनी देवी ने फीता काटकर किया। साथ ही, उ0 म0 विधालय परिसर में क्लब के सदस्यों का आधारस्तरीय उन्मुखीकरण प्रषिक्षण भी दिया गया। मौके पर समर्पण के सचिव इन्द्रमणि साहू, कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार, समाजसेवी नारायण शर्मा आदि उपस्थित थे। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया अंजनी देवी ने कहा कि किसान अन्नदाता है। हमारा अस्तित्व किसानों के बदौलत ही है। लेकिन, आज की तारीख में किसान ही सबसे ज्यादा उपेक्षित है। उन्होंने सरकार की ओर से चलायी जा रही कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं को गांव तक लाने एवं क्लब को माॅडल बनाने की बात कही। 
संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा कि खेतों और खलिहानों के जरिए किसानों के चेहरे पर हरियाली व खुषहाली लाने के मकसद से गांव-गांव में किसान क्लब का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान ही देष का रीढ़ है। किसान क्लब को संस्था, बैंक और नाबार्ड द्वारा समय-समय पर आर्थिक, तकनीकी व वैचारिक सहयोग प्रदान करेगी। 
समाजसेवी नारायण शर्मा एवं मोनू कुमार ने कहा कि आज जनसंख्या तेजी से बढ़ रहा है वहीं, जमीन के टुकड़े-टुकड़े में हो रहे हैं। इस परिस्थिति में हम कैसे कम पूंजी, कम पानी, कम संसाधन, कम परिश्रम में ज्यादा फसल उगायेंगे इसे सीखने की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि किसान क्लब यदि अच्छा काम किया तो भुख से एक भी आदमी नहीं मरेगा। 
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में क्लब के सदस्यों को क्लब के संचालन के तरीके, सक्रिय किसान क्लब के मानक, सफलता पाने के मूलमंत्र, कल्ब के रख-रखाव, लेखा-जोखा, पत्राचार एवं अन्य वितीय संस्थानों के साथ जुड़ाव आदि बिन्दुओं पर प्रषिक्षित किया गया। 
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कोलेष्वर सिंह, क्लब के सचिव मिथलेष कुमार राणा, अध्यक्ष सरयू प्र0 शर्मा, भवानी यादव, गौरवा देवी, मीना देवी, सुमन्ती देवी, देवन्ती देवी, विरेन्द्र यादव, मंगन यादव, हरि राणा, रामा राणा, चतुरी राणा, मुंषी यादव, चीतो राणा, बलराम कुमार, रविन्द्र आदि ने भाग लिया। 

Sunday, June 15, 2014

निःषुल्क एवं अनिवार्य षिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 तथा अन्य सरकारी योजनाओं-नीतियों को लेकर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन

कोडरमाः 15 जून। बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत स्वयंसेवी संस्था समर्पण के द्वारा आज स्थानीय वर्णवाल सेवा सदन में निःषुल्क एवं अनिवार्य षिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 तथा अन्य सरकारी योजनाओं-नीतियों को लेकर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में कोडरमा, जयनगर एवं मरकच्चो के एसएमसी के सदस्यों, पंचायत जनप्रतिनिधियों एवं अन्य समाजसेवियों की भागीदारी रही। 
जयनगर से आये समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि 6-14 आयु वर्ग के बच्चों के लिए आरटीई-2009 लाया गया है लेकिन, चार साल के बाद भी जिला में यह पूर्णतः लागू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्राईवेट स्कूलों की मनमानी बढ़ गई है। इसके अंकुष लगाने लिए जनता और प्रषासन को आगे आना चाहिए। 
बैंक आॅफ इंडिया के अधिकारी घनष्याम दास ने कहा कि षिक्षा के क्षेत्र में अनाप-षनाप पैसे खर्च किये जा रहे हैं पर नतीजे कोई खास नहीं आ रहे हैं। आज सबसे ज्यादा दलित और गरीब समुदाय के बच्चे उपेक्षित हैं। सैंकड़ों की संख्या में बच्चे आज भी होटलों, गैरजों, ढाबों और हम जैसे बाबूओं के घरों में कार्य कर रहे हैं। कोडरमा में बाल संरक्षण से संबंधित नीतियों-नियमों की अनदेखी हो रही है। इसके लिए हम सभी जिम्मेवार हैं।  उन्होंने लोगों को गलत को गलत और सही को सही बोलने और लिखने की सलाह दी। 
डालसा के बालेष्वर राम ने कहा कि हम सभी समाज के वाहक हैं। हमें एक अच्छे विचारधारा से  लैस होने और सामाजिक परिवर्तन की दिषा में सक्रिय होने की जरूरत है। उन्होंने रिजल्ट आॅरियेंटेंड कार्यक्रम करने पर बल दिया। 
समाजसेवी दिनेष रविदास ने कहा कि सरकारी योजनाएं जमीन पर नहीं बल्कि, हवा में संचालित हो रही है। इसके लिए उन्होंने सबों को नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए नियमित माॅनिटरिंग व निगरानी बनाये रखने की बात कही।
अधिवक्ता षिवनंदन शर्मा ने कहा कि जब तक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी या षिक्षक के बच्चे अपने नजदीक के सरकारी विधालय में नहीं पढंेगे तबतक सरकारी विधालयों की स्थिति नहीं सुधरने वाला। उन्होंने सरकारी विधालयों को दुरूस्त करने एवं प्राईवेट विधालयों की मनमानी रवैयों के खिलाफ लोगों को एकजूट होने एवं संबंधित अधिकारियों को ज्ञांपन सौंपने या फिर न्यायलय में मामले को ले जाने की बात कही।   
मौके पर उच्चाधिकारियों एवं संबंधित आयोग को समाज के सभी सवालों को लेकर समय-समय पर ज्ञांपने सौपने, लापरवाह षिक्षकों एवं अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, योजनाओं और नीतियों के अनुपालन में नियमित निगरानी करने, योजनाओं को ंपारदर्षी एवं अधिकारियों को जबावदेह बनाने के लिए अधिकाधिक सूचनाधिकार का प्रयोग करने, आंगनबाड़ी एवं स्कूलों के संचालन में सहयोग करने, छोटे-छोटे स्तर पर ग्रामीण बैठक कर लोगों को जागरूक करने, नगर पंचायत के सभी दलित व उपेक्षित मुहल्लों के बच्चों को षिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ने सहित अगामी तीन माह का कार्ययोजना निर्माण किया गया। 
सेमिनार में मुख्य रूप से अधिवक्ता रीना कुमारी, कानुनी सलाहकार तुलसी कुमार, पुर्व मुखिया बासो दास, वार्ड सदस्य रघुनाथ दास, वार्ड पार्षद अमित अनुराग, दुलारचंद्र राम, बसंती देवी, मीना देवी, सुनिता देवी, मनोज साव, राजेन्द्र दास, बिनोद दास, रामावतार सिंह, सिकेन्द्र यादव, नारायण शर्मा, महावीर दास, आषीष कुमार, संजीत पासवान, रिजवान अंसारी, आरटीआई कार्यकर्ता विजय यादव, संतोष, रामदेव, लोकेष, नितेष पाल सहित 40 लोगों ने भाग लिया। 
संचालन व विषय प्रवेष संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं धन्यवाद ज्ञांपन मेरियन सोरेन ने किया।


Thursday, June 12, 2014

देष एवं राज्य के मानव विकास में बड़ी रूकावट बाल श्रम

कोडरमाः 12 जून। विष्व बालश्रमरोधी दिवस के मौके पर सुन्दरनगर स्थित समर्पण कार्यालय में क्रेज के सदस्यों के साथ बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता षिवनंदन कुमार शर्मा ने की। बैठक में जिला में व्याप्त बाल श्रमिकों की समस्या एवं प्रषासन द्वारा बाल श्रमिकों की रोकथाम के लिए चलाये जा रहे मात्र कागजी कार्रवाई को लेकर चर्चा की गयी। बैठक में चर्चा किया गया कि बाल श्रम एक सामाजिक समस्या है तथा देष एवं राज्य के मानव विकास में बड़ी रूकावट है। लेकिन, कोडरमा एवं कोडरमा के बाहर आज सैकड़ों की संख्या में कोडरमा के बच्चे होटलों, ढाबों, कारखानों, ईट भट्ठों, क्रषरों एवं अधिकारियों एवं अन्य बाबूओं के घरों में घरेलू नौकर के रूप में नियोजित हैं। इसकी रोकथाम के लिए कानून है लेकिन, अधिकारियों एवं समाज के लोगों में संवेदनषीलता के अभाव के कारण आज यह धंधा बेरोकटोक जारी है। बैठक में अभी हाल ही में बंगलूरू से लाये गये बच्चों को पुर्नवासित नहीं किये जाने का भी मामला उठाया गया। वहीं, जिला में बाल कल्याण समिति मार्च 2013 से स्थगित रहने, जिला में समेकित बाल संरक्षण योजना का सही अनुपालन नहीं होने, बाल व्यापार से संबंधित एक भी मामला समाज कल्याण विभाग में नहीं होने, निःषुल्क एवं अनिवार्य षिक्षा अधिकार अधिनियम आदि बिन्दुओं पर चर्चा की गई। बैठक में योजनाओं को सही तरीके से अनुपालन कराने, कोडरमा को बालश्रम मुक्त बनाने, टोल फ्री नं0 18003456526 का अधिकाधिक प्रयोग व प्रसार करने सहित कई निर्णय लिये गये। 
बैठक में समर्पण के सचिव इन्द्रमणि साहू, बसंती देवी, कल्याण फाउंडेषन के मेरियन सोरेन, विजय यादव, मोनू कुमार, आदित्य नंदन शर्मा, आषीष कुमार, मंजू देवी, सुनिता देवी आदि उपस्थित थे। 

संगठित रहने से निकाला जा सकता है सभी समस्याओं का समाधान - एलडीएम सुषील कुमार

जयनगरः 12 जून। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को बिगहा में जय बजरंग किसान क्लब का एकदिवसीय आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एलडीएम सुषील कुमार, विषिष्ठ अतिथि डीडीएम नाबार्ड भास्कर मृधा, वार्ड सदस्य हरी शंकर गिरि एवं संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एलडीएम सुषील कुमार ने कहा कि पूंजी और तरक्की के लिए केसीसी एक अच्छा माध्यम है। उन्होंने कहा कि संगठित रहने से सभी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक लाख रूपये तक का लोन लेने के लिए जमीन का रसीद की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जानकारी ही इंसान का सबसे बड़ा पूंजी है। उन्होंने पुराने तरीके से खेती करने की परंपरा को छोड़ने, खरीफ फसल के लिए ऋण लेने, केसीसी के लिए आवेदन करने एवं डिफाॅल्टर नहीं होने की सलाह दी। 
डीडीएम भास्कर मृधा ने कहा कि लोग आज लालच में ठगी के षिकार हो रहे हैं। कई एनजीओ भी इसमें शामिल हैं जो ठगी का धंधा कर रहे हैं। क्लब को चाहिए कि वे ऐसे संस्थाओं की पहचान करें और उन्हें बाहर का रास्ता दिखायें। उन्होंने क्लब की महता, नियम-कानून, क्लब को मिलनेवाली सुविधाओं, कार्य पद्धति आदि की चर्चा करते हुए कहा कि समय की मांग के अनुरूप अब लोगों की सोच व कार्य पद्धति में भी बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने कम पूंजी, कम लागत, कम परिश्रम, कम संसाधन और कम पानी में अधिक से अधिक फसल लेने के लिए श्रीविधि पद्धति को अपनाने पर बल दिया गया। 
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में संस्था सचिव इन्द्रमणि ने क्लब के संचालन के तरीके, सक्रिय किसान क्लब के मानक, सफलता पाने के मूलमंत्र, कल्ब के रख-रखाव, लेखा-जोखा, पत्राचार एवं अन्य वितीय संस्थानों के साथ जुड़ाव आदि बिन्दुओं पर प्रकाष डाला। कार्यक्रम में कुल 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 
षिविर में मुख्य रूप से कल्ब के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार सिंह, सचिव अरूण कुमार सिंह, रविन्द्र गिरि, सुरेन्द्र गिरि, उपेन्द्र गिरि, दिनेष गिरि, सतीष सिंह, भुवनेष्वर यादव, सुरेष पासवान, अनुपमा कुमारी, सिद्धेष्वर गिरि, यमुना पासवान, अनिल सिंह, उमुष यादव, एतवारी गिरि, जीवलाल पासवान, रमेष यादव, अजय कुमार सिंह, चोली पासवान, सुनिल पासवान आदि ने भाग लिया।

Tuesday, June 10, 2014

रेभनाडीह में कृष्णा किसान क्लब का एकदिवसीय आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

जयनगर (कोडरमा) 10 जून। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को उ0 म0 वि0 रेभनाडीह में कृष्णा किसान क्लब का एकदिवसीय आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एलडीएम सुषील कुमार, विषिष्ठ अतिथि डीडीएम नाबार्ड भास्कर मिर्धा उपमुखिया सीमा देवी एवं संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एलडीएम सुषील कुमार ने कहा कि पुराने तरीके से खेती करना लाभप्रद नहीं है। उन्होंने कहा कि आय का सबसे अच्छा स्रोत खेती है। बेहतर खेती करने के लिए पूंजी की आवष्यकता होती हैं जिसके लिए किसानों को हर कदम पर बैंक मदद प्रदान करता है। उन्होंने खरीफ फसल के लिए ऋण लेने, केसीसी के लिए आवेदन करने एवं डिफाॅल्टर नहीं होने की सलाह दी। 
डीडीएम भास्कर मिर्धा ने क्लब की महता, नियम-कानून, क्लब को मिलनेवाली सुविधाओं, कार्य पद्धति आदि की चर्चा करते हुए कहा कि समय की मांग के अनुरूप अब लोगों की सोच व कार्य पद्धति में भी बदलाव लाने की जरूरत है। समय तकनीक का है। कम पूंजी, कम लागत, कम परिश्रम, कम संसाधन और कम पानी में अधिक से अधिक फसल लेने की जरूरत है। इसके लिए श्रीविधि पद्धति को अपनाने पर बल दिया गया। 
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में संस्था सचिव इन्द्रमणि ने क्लब के संचालन के तरीके, सक्रिय किसान क्लब के मानक, सफलता पाने के मूलमंत्र, कल्ब के रख-रखाव, लेखा-जोखा, पत्राचार एवं अन्य वितीय संस्थानों के साथ जुड़ाव आदि बिन्दुओं पर प्रकाष डाला। कार्यक्रम में कुल 45 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 
कार्यक्रम को सफल बनाने में क्लब के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद, सचिव संतोष यादव, बिनोद कुमार, कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार, महादेव यादव, मुरली यादव, अषोक यादव, षिव नारायण शर्मा, संजीत कुमार, महादेव यादव, अरूण कुमार, मनोज यादव, सोनी कुमारी, बसंती देवी, देवन्ती देवी आदि की भूमिका सराहनीय रही।

Thursday, June 5, 2014

बाल विकास परियोजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं का जमीनीकरण हेतु कार्ययोजना निर्माण कार्यषाला का आयोजन

कोडरमाः 5 जून। स्वयंसेवी संस्था समर्पण के द्वारा आज लोकाई पंचायत भवन में समुदाय आधारित संगठनों के साथ बाल विकास परियोजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं का जमीनीकरण हेतु कार्ययोजना निर्माण कार्यषाला का आयोजन किया गया। कार्यषाला में मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बालेष्वर राम, विषिष्ठ अतिथि खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के कोलेष्वर गोप, खेल प्रतिभा खोज से जुड़े अषोक कुमार, अधिवक्ता षिव नंदन कुमार शर्मा, समाजसेवी नारायण शर्मा आदि उपस्थित थे। 
कार्यषाला को संबोधित करते हुए बालेष्वर राम ने कहा कि समुदाय की भागीदारी के बगैर सरकार की कोई भी योजना सफल नहीं हो सकता है। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं को पूरी सच्चाई और ईमानदारी के साथ सेवा देने की अपील की। उन्होंने ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के दिन मिलने वाली सेवाओं के प्रति जागरूक होने, समय-समय पर इसकी समीक्षा करते रहने, पंचायत जनप्रतिनिधियों की ओर से निरंतर देखरेख करने, सेवाओं में पारदर्षिता बनाये रखने एवं समुदाय को अपनी जवाबदेही सुनिष्चित करने की बात कही। 
खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के कोलेष्वर गोप ने समेकित बाल विकास परियोजना के उद्दष्यों पर प्रकाष डालते हुए कहा कि इस परियोजना को एक सरकारी योजना की तरह न समझंे बल्कि, इसे अपने गांव-घर को सेवा करने का अवसर की तरह देखें। उन्होंने बच्चों के बचपन के साथ खिलवाड़ नहीं करने, लड़का-लड़की में भेदभाव नहीं करने, बच्चों एवं बच्चों की मां को समुचित देखरेख करने की बात कही। उन्होंने खेल प्रतिभा खोज पर भी प्रकाष डाला। 
अधिवक्ता षिवनंदन कुमार शर्मा ने कहा कि आंगनाबाड़ी सेविका बच्चों के लिए दूसरी मां के समान है। एक मां जन्म देती है और गौद में रखती-पालती है तो दूसरी मां उसकी बुनियाद को मजबूत बनाने का काम करती है। इसलिए इसमें पूरी ईमानदारी और लगन की आवष्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में उन्हीं को मान-सम्मान और पहचान मिलती है जो पूरी सच्चाई और ईमानदारी के साथ अपनी भूमिका निभाते हंै। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को माॅडल बनाने के लिए सबों की भूमिका जरूरी है। 
कार्यक्रम में समेकित बाल विकास परियोजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं, विभाग व समाज की ओर से होने वाली परेषानियों एवं महिला मंडल, युवा क्लब, किषोरी क्लब, ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण समिति, माता समिति एवं निगरानी समिति आदि की भूमिका को लेकर गंभीर चर्चा हुई। मौके पर आंगनबाड़ी सेविकाओं ने कहा कि विभाग की ओर से हमें कम राषि मिलती है, जबकि, बाजार मूल्य उससे ज्यादा रहता है। जिस वजह से मेनू के हिसाब से टीएचआर करने में परेषानी होती है। सेविकाओं ने बताया कि केंद्र पर वजन मषीन नहीं रहने के कारण ग्रोथ चार्ट भरने में भी परेषानी हो रही है। विभाग को सारी सूचना रहने के बावजूद भी कोई साकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाती है। 
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कार्ययोजना बनाई गई। अच्छे आंगनबाड़ी सेविका या माॅडल आंगनबाड़ी को चिन्हित कर उन्हें सम्मानित करने सहित अन्य कई निर्णय लिये गये। कार्यषाला में मुख्य रूप से बसंती देवी, कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार, बबीता देवी, सोनी देवी, संध्या राय, सबिता देवी, लीलावती देवी, पुरनी देवी, विजय राम, अषोक यादव, मोनू कुमार, करिष्मा कुमारी, प्रियंका कुमारी, पुनम कुमारी, अंजली कुमारी, रजनी देवी, बबीता देवी, कैलाष भुईयां सहित दर्जनों सहायिका, पंचायत जनप्रतिनिधि, महिला मंडल एवं किषोरी कल्ब के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जागो फाउंडेषन का विषेष सहयोग रहा।
संचालन संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं धन्यवाद ज्ञांपन मेरियन सोरेन ने किया। 


Friday, May 30, 2014

Dist level consultation prog on Child trafficking and protection.


महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलम्बी बनाने के लिए सिलाई-बुनाई का प्रशिक्षण

महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से संस्था समर्पण के द्वारा
इस साल पलामू एवं गढ़वा जिले के  400 महिलाओं को सिलाई-बुनाई का 25 दिवसीय  प्रशिक्षण देने के उपरांत उन्हें सर्टिफिकेट  दिया गया. प्रशिक्षण  के उपरांत लेबर डिपार्टमेंट की ओर से सभी महिलाओं को सिलाई मशीन भी दिया गया है. सभी स्वरोजगार की दिशा में अग्रसर है. 

Thursday, May 8, 2014

फिर दुबारा बंगलूरू या किसी अन्य महानगर नहीं जाना है। यदि अच्छा स्कूल में हमारा नाम लिखा दिया जाये तो हम जरूर पढेंगे-डोमचांच के 9 बच्चों का byan.

कोडरमाः  बेंगलूरू के कोल्स पार्क इलाके में पानी-पूरी बेचने वाले झारखंड के कुल 12 बच्चों को लेकर कोडरमा जिला प्रषासन की टीम लौटी  उक्त 12 बच्चों में से 9 बच्चा कोडरमा के डोमचांच प्रखंड के विभिन्न गांवों के हैं। शेष 2 बच्चा गिरिडीह और 1 बच्चा जामताड़ा जिला का है। सभी बच्चों की उम्र 12 से 20 साल के बीच है। अपना इलाका और जिला लौटने के बाद सभी बच्चे काफी खुष नजर आ रहे हैं। बच्चे फिर दुबारा बंगलूरू या किसी अन्य महानगर नहीं जाना जा रहे है। बच्चों का कहना है कि मां-पिताजी यदि पढायेंगे तो जरूर पढेंगे। कुछ बच्चों ने कहा कि पढ़ाई का कुछ साधन ही नहीं है तो पढ़ेंगे कहां? यदि अच्छा स्कूल में हमारा नाम लिखा दिया जायेगा तो हम जरूर पढेंगे।
बच्चों से प्रतिदिन 10 से 12 घंटे काम लिया जा रहा था। बताया जाता है कि सभी बच्चो वहां बंधुवा मजदूरी की तरह कार्य कर रहे थे। इन्हें रहने के लिए एक छोटा सा कमरा दिया गया था। वह भी बिना किसी सुविधा के। दिन भर कार्य करने के बाद ये लड़के जमीन पर ही सो जाया करते थे। कुछ बच्चों ने बताया कि पानी-पूरी कम बेचने या हिसाब में गड़बड़ी होने पर मालिक द्वारा मारपीट भी किया जाता था।
कोडरमा में बाल अधिकारों के मुद्दे पर काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था समर्पण ने सभी तरह के तथ्यों का संकलन करते हुए जिला प्रषासन को सूचित किया और लगातार जिला प्रषासन पर दवाब बनाकर बच्चों को सकुषल वापसी के लिए बाध्य किया। एक सप्ताह के बाद जिला प्रषासन इस मामले में गंभीर हुए और टीम गठित कर बच्चों को लाने के लिए बेंगलूरू भेजा गया। जो कल लौटी है।

जिला प्रषासन की ओर से यदि इन बच्चों का पुनर्वास की व्यवस्था तरीके से नहीं किया गया तो संभावना है कि फिर ये बच्चे बाहर काम करने चले जायें। जिससे उनका बचपन और बाल अधिकारों का हनन होगा।  बच्चों के संबंधित गांव डोमचांच के बीहड़ जंगलों के बीच बसा हुआ है। जहां बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। लगभग सभी विधालयों व आंगनबाड़ी की स्थिति काफी लचर है। उन इलाकों में जिला प्रषासन की ओर से स्कूलों या आंगनबाड़ी केंद्रों का माॅनिटरिंग नहीं होती है। कई स्कूलों में मध्यान भोजन 6-6 माह से बंद है। परिवार में गरीबी, लचारी और भुखमरी के कारणों के साथ-साथ स्कूलों की लापरवाही से भी बच्चा बाहर काम करने जाने को बाध्य हुए हैं।  डोमचांच के जंगलों में बसे दर्जनों गांवों के बच्चों के भविष्य को लेकर जिला प्रषासन को खासे पहल करना चाहिए। samarpan प्रषासन को अपेक्षित सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

Wednesday, May 7, 2014

बाल सभा मे अपनी ज़िंदगी गढ़ते नावाडीह ( कोडरमा) के बच्चे.

समर्पण द्वारा आयोजित बाल सभा मे अपनी ज़िंदगी गढ़ते नावाडीह ( कोडरमा) के बच्चे.
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Saturday, May 3, 2014

बसघरवा गावं मे बाल सभा का आयोजन

समर्पण के द्वारा कोडरमा के बसघरवा गावं मे बाल सभा
का आयोजन कर कुछ आवशयक टीप्स दिया गया

Friday, May 2, 2014

रेभनाडीह गांव में कृष्णा किसान क्लब का उद्घाटन

जयनगरः 25 अप्रैल। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में आज हीरोडीह पंचायत के रेभनाडीह गांव में कृष्णा किसान क्लब का उद्घाटन पंचायत के मुखिया सुरेन्द्र यादव ने किया। 
पंसस अर्जून चैधरी ने कहा कि किसान के जागरूक नहीं रहने के कारण आज कृषि क्षेत्र का पैसा सरकार को वापस जा रहा है। 

संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा कि जिससे गांव-समाज और परिवार में समृद्धि और खुषहाली आती हैै, वही आज सबसे ज्यादा उपेक्षित है जैसे-गाय, माय और धरती। इसी को सम्बर्द्धित व संरक्षित करने के उद्देष्य से गांव-गांव में किसान क्लब बनाया जा रहा है। क्लब के जरिये सही ज्ञान, अनुषासन, योजनाओं का क्रियान्वयन एवं कम पूंजी, कम परिश्रम एवं कम पानी में अधिक से अधिक फसल व कमाई का तरीका व तकनीक के जरिए गांव का सर्वांगीण विकास किया जायेगा।
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Tuesday, April 22, 2014

समर्पण द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूह के साथ चर्चा करते नाबार्ड डीडीएम श्री भास्कर मिर्धा

कोडरमा के जयनगर प्रखंड अंतर्गत समर्पण द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूह
के साथ चर्चा करते नाबार्ड डीडीएम श्री भास्कर मिर्धा, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू, Narayan Sharma एवं महिला एक्टिविस्ट मंजू देवी

Sunday, April 20, 2014

CREJ, Koderma


कोडरमा के कई स्कूलों में बाल सभा, खेल-खेल में शिक्षा देने एवं पारम्परिक खेलो को पुनर्जीवित करने का प्रयास.

समर्पण के द्वारा कोडरमा के कई स्कूलों में बाल सभा, खेल-खेल में शिक्षा देने
 एवं पारम्परिक खेलो को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है.

Friday, April 18, 2014

प्रषिक्षण में सामुहिक निर्णय और सामुहिक खेती पर विषेष बल

जयनगरः 17 मार्च। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र में आजाद किसान क्लब, टुड़मी, डा0 अम्बेदकर किसान क्लब, प्रतापपुर एवं प्रगति किसान क्लब, रघुनियाडीह के सदस्यों का एकदिवसीय आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण दिया गया। प्रषिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नाबार्ड के डीडीएम भास्कर मिर्धा, कृषि वैज्ञानिक चंचिला कुमारी, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे। 
प्रषिक्षण में क्लब क्या है, क्लब की क्या भुमिका होगी, क्लब का उद्देष्य क्या होना चाहिए, क्लब की शक्ति व रणनीति क्या-क्या होगा, क्लब कैसे आगे बढेगा आदि बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। डीडीएम भास्कर मिर्धा ने बैंक से डिफ्ाॅल्टर नहीं होने एवं ऋण का सही-सही सदुपयोग करने की बात कही। उन्होंने सामुहिक निर्णय और सामुहिक खेती पर विषेष बल दिया और कहा कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं की राषि जो जनता का ही है, आज वापस हो रहा है, इसे वापस नहीं होने देने के तरीकों पर चर्चा की। 
कृषि वैज्ञानिक चंचिला कुमारी ने खेती के क्षेत्र में आये बदलाव एवं अपनाये जा रहे नई-नई तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने विस्तार से कम पूंजी, कम श्रम, कम संसाधनों एवं जैविक खेती करने के तरीकों की जानकारी विस्तार से दी। 
संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने क्लबों के रख-रखाव, लेखा पंजी का संधारण, विभागों व अन्य वितीय संस्थानों के साथ जुड़ने व लाभ उठाने की विधि की जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुंषी साव, राजेन्द्र दास, कुर्बान अंसारी, आषीष कुमार, नारायण शर्मा, सतीष मालाकार, मंजू देवी, मीना देवी सहित 42 किसानों ने भाग लिया। 

Wednesday, April 16, 2014

सामुहिक खेती, सामुहिक निर्णय और सामुहिक विकास जरूरी - डीडीएम

जयनगरः 16 अप्रैल। स्वयंसेवी संस्था समर्पण के द्वारा आज नईटांड गांव के भारती किसान क्लब के साथ कृषि विषेषज्ञों के साथ एकदिवसीय सहमिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीडीएम भास्कर मिर्धा, कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक चंचिला कुमारी एवं मनिष कुमार, मुखिया किषोर साव, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे। 
कार्यक्रम में कृषि विषेषज्ञों द्वारा नई कृषि पद्धति एवं कम पानी, कम श्रम एवं कम पूंजी पर आधारित खेती की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गयी। कृषि विषेषज्ञ चंचिला कुमारी ने कहा कि खेतों में लगातार युरिया, पोटास, डीएपी जैसे रासायनिक खाद डालने से खेतों की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसे बरकरार रखने के लिए पशुपालन पर जोर दिया जाना चाहिए, ताकि, गोबर से उसकी भरपाई की जा सके। मनिष कुमार ने जैविक खेती पर जोर दिया। 

डीडीएम भास्कर मिर्धा ने सामुहिक खेती, सामुहिक निर्णय और सामुहिक विकास पर विषेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान क्लब का नियम सभी लोग मिलकर बनाईये और सभी लोग मिलकर पालन किजिए। मानसिकता में बदलाव लाये बगैर हम विकास नहीं कर सकते।
कार्यक्रम को मुखिया किषोर साव  ने कहा कि गांव को स्वर्ग बनाने के लिए खेती परंपरा को जीवंत बनाना होगा।
कार्यक्रम को संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू, प्रसिद्ध किसान रामचंद्र महतो, खेमन साव, नारायण साव, आषीष कुमार, बालदेव साव, सुनिल कुमार तिवारी, भुवनेष्वर साव आदि ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में नईटांड के दर्जनों किसानों ने भाग लिया एवं कार्यक्रम के दूसरे सत्र में किसानों ने कृषि विषेषज्ञों को अपने-अपने खेतों का विजिट कराकर समस्या से उबरने के गुर सीखे। 

Tuesday, April 15, 2014

Meet with Expert Prog.

समर्पण के dwara जयनगर प्रखंड अंतर्गत नईटांड में भारती किसान क्लब का गठन किया गया है। 16 अप्रैल 2014 को सुबह 11 बजे से नईटांड गांव में Meet with Expert Prog. किया जायेगा। www.facebook.com/samarpanjharkhand

Friday, March 21, 2014

शत-प्रतिषत मतदान एवं वोट की महता के व्यापक प्रचार-प्रचार के लिए गीत-नाट्य के माध्यम से जागरूकता अभियान

सतगांवांः 21 मार्च 2013। सांस्कृतिक संस्था समर्पण एवं जिला प्रषासन (जनसंपर्क शाखा) के संयुक्त तत्वावधान में लोक सभा निर्वाचन 2014 में शत-प्रतिषत मतदान एवं वोट की महता के व्यापक प्रचार-प्रचार के लिए गीत-नाट्य के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आज प्रखंड के मीरगंज, षिवपुर, समलडीह, इटाय, रजावर, कटैया एवं प्रखंड मुख्यालय में अपने पारंपरिक संचार माध्यमों के द्वारा समर्पण के कला जत्था टीम ने बड़े ही मनोरंजक ढंग से वोट की महता का प्रदर्षन गीत-नाट्य के माध्यम से किया।
नाटक में वोट के दिन जो सोयेगा, वो पांच वर्ष मौका खोयेगा। युवा हो तुम देष की शान, जागो, उठो करो मतदान। बहकावे में तुम कभी न आना, सोच-समझ कर बटन दबाना। जागरूक समाज की होगी तभी पहचान, जब होगा शत-प्रतिषत मतदान। न नषे से, न नोट से किस्मत बदलेगी वोट से। छोड़कर अपने सारे काम, पहले चलो करें मतदान। हम युवाओं की यही पुकार, सषक्त लोकतंत्र अबकी बार। करे राष्ट्र का जो उत्थान, करें उसी को हम मतदान............... जैसे कई आर्कषक नारों व विचारों के साथ ग्रामीणों को जागरूक करने का सफल प्रयास किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं षिक्षकों को विषेष सहयोग प्राप्त हुआ। वहीं कलाकारों में राम किषोर सिंह, नागेष्वर सिंह, जितेन्द्र सिंह, दिनेष कुमार, भोला रविदास, विकास कुमार, बसंती, मोनू, इन्द्रमणि आदि की भूमिका सराहनीय रही।
यह कार्यक्रम जिले के विभिन्न प्रखंड़ों में 28 मार्च तक चलाया जायेगा। कल यह कार्यक्रम मरकच्चो प्रखंड के देवीपुर, चोपनाडीह एवं कोदोडीह में किया जायेगा।

Wednesday, March 19, 2014

बेस लेवल आॅरियेन्टेषन ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन, कोडरमा व झारखंड प्रदेष में हरित क्रांति लाने की जरूरत-डीडीएम

जयनगरः 19 मार्च। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में आज पंचायत भवन गोहाल में सर्वोदय किसान क्लब, मकतपुर एवं आदर्ष किसान क्लब, बाघमारा का बेस लेवल आॅरियेन्टेषन ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, विषिष्ठ अतिथि नाबार्ड के डीडीएम भास्कर मृधा, ज्ञान विज्ञान समिति के महासचिव असीम सरकार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बालेष्वर राम, मुखिया आषा देवी एवं संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री सिंह ने कहा कि ढूलमूल खेती, ढूलमूल रवैयों एवं ढूलमूल षिक्षा से समाज का विकास संभव नहीं है। उन्होंने गांव की मिट्टी गांव में, खेत का पानी, खेत में और गांव का पैसा गांव में रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि सिर्फ सरकार पर आश्रित रहकर हम कभी आगे नहीं बढ़ सकते हैं। उन्होंने क्लब का बेहतर संचालन और सरकार की ओर से चलायी जा रही योजनाओं को हासिल करने के कई गुर बतलाये। 
डीडीएम भास्कर मृधा ने किसानों को श्रीविधि से खेती करने एवं कम संसाधन, कम पानी और कम श्रम में अधिक पैदावार लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोडरमा व झारखंड प्रदेष में हरित क्रांति लाने की जरूरत है और यह किसानों के प्रयास से ही संभव हैं। 
ज्ञान विज्ञान समिति के महासचिव असीम सरकार ने कहा कि जीवंत गांव एवं सतत विकास के लिए गांव में गठित किसान क्लब को जीवंत बनाने की जरूरत है। इसके लिए नियमित बैठक, सामुहिक निर्णय एवं पहल होना जरूरी है। 
मुखिया आषा देवी ने कहा कि गांव के विकास में हमारा सहयोग बरकरार रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के आगे बढ़ने के लिए हर गांव में क्लब का होना जरूरी है। 
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बालेष्वर राम ने कहा कि आज का जमाना आधुनिक तकनीक और ज्ञान पर आधारित है। उन्होंने जैविक खेती के लिए गोबर और गौमुत्र के जरिए खेती करने की अपील की। 
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेष पासवान, उपमुखिया बैजनाथ राम, विजय राणा, वीरेन्द्र यादव, किषोर प्रसाद चैधरी, नंदलाल यादव, बैजनाथ सिंह, बिनोद चैधरी, देवनारायण यादव, बीगन महतो, लखपत महतो, युसूफ अंसारी, मनीर अंसारी, राजेष ठाकुर सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया। 
संचालन संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं धन्यवाद ज्ञांपन आषीष कुमार ने किया।


Thursday, March 13, 2014

कोडरमा में गीत-नाट्य के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान

कोडरमाः 13 मार्च। सांस्कृतिक संस्था समर्पण एवं जिला प्रषासन के संयुक्त तत्वावधान में स्वीप अंतर्गत गीत-नाट्य के माध्यम से चलाये जा रहे मतदाता जागरूकता अभियान आज डुमरियाटांड में नाट्य प्रदर्षन के साथ ही समाप्त हो गया। लोक सभा निर्वाचन 2014 के लिए मतदाता जागरूकता अभियान हेतु संस्थान द्वारा
कोडरमा, जयनगर, डोमचांच एवं चंदवारा अंतर्गत कुल 13 चिन्हित गांवों में गीत-नाट्य के माध्यम से वोट देना अनिवार्य एवं वोट की महता को लेकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। आज डुमरियाटांड एवं फुलवरिया गांव में वार्ड पार्षद अमित अनुराग एवं संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू के नेतृत्व में यह कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग एवं स्थानीय प्राधिकार से जुड़े लोगों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में रामकुमार सिंह, नागेष्वर सिंह, जीतेन्द्र सिंह, बसंती देवी, मेरियन सोरेन, भोला प्रसाद, दिनेष कुमार, आषा देवी, विकास कुमार आदि की भुमिका सराहनीय रही। 

Monday, March 10, 2014

ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सषक्तिकरण अभियान के तहत कोडरमा में जिलास्तरीय लोक मूल्यांकन प्रस्तुतिकरण कार्यषाला का आयोजन

कोडरमाः 10 मार्च। स्वयंसेवी संस्था समर्पण, सीनी एवं युनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आज बिरसा सांस्कृतिक भवन, कोडरमा में जिलास्तरीय लोक मूल्यांकन प्रस्तुतिकरण कार्यषाला का आयोजन किया गया। ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सषक्तिकरण अभियान के तहत आयोजित इस कार्यषाला में मुख्य अतिथि सीनी एवं युनिसेफ के प्रतिनिधि सह सहिया संदेष के संपादक शक्ति पांडेय, डोमचांच के सीडीपीओ सुनिता अग्रवाल, झुमरी पंचायत के मुखिया महादेव दास, एएनएम राधा कुमारी, ममता सिंह एवं संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे। 
कार्यषाला में आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होने वाले ग्राम स्वास्थ्य और पोषण दिवस का लोक मूल्यांकन के दौरान उभरे तथ्यों का प्रस्तुतिकरण किया गया। जिसमें कहा गया कि जिले में स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस कार्यक्रम का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। विभागीय लापरवाही, समय पर पोषाहार का फंड रिलिज नहीं होना और समय-समय पर मूल्यांकन नहीं होना इसका मुख्य कारण है। संस्था द्वारा 79 आंगनबाड़ी केंद्रों का लोक समीक्षा की गयी, जो तथ्य आए हैं, वह चैकाने वाले हैं, जिसे संबंधित विभाग को सौंपा जायेगा। 
श्री पांडेय ने कहा कि टीएचआर का पैसा आंगनबाड़ी को समय पर नहीं मिलता है, यह सभी को पता है इसके बावजूद इस दिवस के अवसर पर कई कार्य होने हैं जिसे करने की जवाबदेही सभी आंगनबाड़ी सेविका, एएनएम एवं आंगनबाड़ी स्तर पर गठित माॅनिटरिंग कमिटी की होती है। उन्होंने कहा सेवाओं के प्रति लोगों को जवाबदेह बनाना, सेवाओं में पारदर्षिता लाना एवं सेवाओं में भागीदारी सुनिष्चित करने के लिए यह अभियान चलाया गया। आगे भी यह कार्यक्रम चलता रहेगा जिसमें आप सबों का सहयोग अपेक्षित है। 
मुखिया महादेव दास ने कहा कि पूरक पोषाहार, प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, स्वच्छ पेयजल, स्तनपान, परिवार नियोजन, खान-पान आदि मामले बच्चों एवं बच्चों के मां पर आधारित हैं जिसके लिए हमसबों को अपनी जवाबदेही ईमानदारीपूर्वक निभाना चाहिए। 
संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने संचालन करते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों की बहाली के लिए संस्था विगत 10 वर्षो से कार्य कर रही है। जो आंकड़े आये हैं उसको लेकर संबंधित विभाग से मिलकर इसे सषक्त करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव, ग्रामीणों द्वारा आवाज नहीं उठाये जाने एवं पढ़े-लिखे लोगों द्वारा अपनी सामाजिक जवाबदेही नहीं निभाये जाने के कारण आज सरकार की योजनाएं गांव तक नहीं पहुंच रही है 
कार्यषाला में एएनएम, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याओं को बाखूबी रखा।
कार्यषाला में मुख्य रूप से आषीष कुमार, शकुन्तला मेहता, राधा कुमारी, सुनिता देवी, गीता देवी, मुनिता देवी, बसंती देवी, पुष्पलता देवी, सरिता देवी, आरती देवी, कंचन देवी, गायत्री देवी, शषि देवी, रिंकु देवी, सीमा देवी, कंचन बाला, अनीता देवी, अधिवक्ता षिवनंदन शर्मा, सुधीर कुमार, राजेन्द्र दास, अंजनी गौतम मेहता, मंजू देवी, फरजाना खातुन, प्रभु दास, विजय राम, सहित डोमचांच, जयनगर एवं कोडरमा के 120 सेविका, सहिया, जल सहिया, पंचायत जनप्रतिनिधि, एएनएम, महिला मंडल के सदस्यगण उपस्थित थे। 
धन्यवाद ज्ञांपन कल्याण फाउंडेषन के सचिव मेरियन सोरेन ने किया। 


Wednesday, February 26, 2014

बिगहा में जय बजरंग किसान क्लब का उदघाटन

जयनगरः 26 फरवरी। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं नाबार्ड द्वारा बिगहा गांव में गठित जय बजरंग किसान क्लब का कार्यालय का उदघाटन आज गांव के सबसे बुर्जग व्यक्ति राम विलास गिरि ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। मौके पर बैंक आॅफ इंडिया, बांझेडीह शाखा प्रबंधक मनीष कुमार, वरिष्ठ समाजसेवी आर्य राज किषोर मोदी, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं पंचायत समिति सदस्य मौलाना अब्दूल रउफ, वार्ड सदस्य हरिषंकर गिरि आदि लोग उपस्थित थे। 
मौके पर उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए शाखा प्रबंधक श्री कुमार ने कहा कि इस गांव क्लब के खुलना बहुत ही सौभाग्य की बात है। उन्होंने इस क्लब का संचालन पूरी ईमानदारी और पारदर्षित के साथ संचालन करने की सलाह दी।
समाजसेवी आर्य राज किषोर मोदी ने कहा कि आज किसानों की जमीन कई हिस्सों व टुकड़ों में बंट गये हैं जिससे वे मनमाफिक खेती नहीं कर पा रहे हैं। मनमाफिक तरीके से खेती करने और आगे बढने के लिए उन्होंने खेतों की चकबंदी करने की सलाह दी। उन्होंने संस्था के कार्याे की सराहना करते हुए कहा कि गांव-गांव में किसान क्लब बनाकर किसानों को जागरूक व गोलबंद करने का यह प्रयास अनुकरणीय है। 
पंसस मौलाना अब्दूल रउफ ने कहा कि क्लब बना लेने या कार्यालय मात्र खोलने से गांव का विकास नहीं होगा बल्कि, की जिम्मेवारी, ईमानदारी और पूरी निष्ठा से कार्य कर योजनाओं को गांव तक लाने से गांव का विकास होगा। उन्होंने कहा कि कल्ब के सदस्यों की जिम्मेवारी दोगुनी हो गयी है। 
संस्था सचिव इन्द्रमणि ने कल्ब गठन के उद्देष्यों, मूल्यों एवं भावी रणनीति के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि खेतों के जरिए किसानों के जीवन में हरियाली लाने के उद्देष्य से ही किसान क्लब का गठन किया गया है। इस कल्ब को एक प्रेषर ग्रुप के रूप में काम करना होगा तभी सरकार की योजना गांव तक आयेगी।
सांसद प्रतिनिधि कालेन्द्र गिरि ने कहा कि आधुनिक तरीके से खेती करने से ही किसान आत्मनिर्भर होंगे। 
समारोह में मुख्य रूप से क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, सचिव अरूण कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष बाबुलाल पासवान, समर्पण के प्रोग्राम काॅर्डिनेटर आषिष कुमार, सुधीर सिंह, विनोद पासवान, कैलाष पासवान, सुधीर गिरि, अनिल सिंह, संदीप सिंह, ललन सिंह, राम विलास सिंह, मुनेष्वर सिंह, संदीप सिंह सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया। 
संचालन रविन्द्र गिरि एवं धन्यवाद ज्ञांपन अरूण कुमार ने किया।

Tuesday, February 25, 2014

जीवन में खुषहाली लाने के लिए जन चेतना, जल चेतना और वन चेतना जरूरी

जयनगरः 25 फरवरी। स्वयंसेवी संस्था SAMARPAN एवं NABARD के संयुक्त तत्वावधान में आज कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में तीन किसान क्लबों का आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण षिविर का आयोजन किया गया। जिसमें भारती किसान क्लब, नईटांड, बजरंग किसान क्लब, रूपायडीह एवं नूरी किसान क्लब, रघुनियाडीह शामिल है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, नाबार्ड के डीडीएम भास्कर मिर्धा, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रोग्राम काॅर्डिनेटर डा0 वि0 के0 सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी आर्य राजकिषोर मोदी एवं संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे। 
मुख्य अतिथि सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि आज जीवन में खुषहाली लाने के लिए जन चेतना, जल चेतना और वन चेतना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्राकतिक जल संरक्षण जरूरी है, इसके लिए गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में और खेत की मिट्टी खेत में रखने की सख्त जरूरत है। उन्होंने श्रीविधि से खेती करने, समय-समय पर बीजापचार करने, केचुआ खाद ईकाई की स्थापना करने एवं नये तकनीक के जरिए खेती करने पर बल दिया। 
डीडीएम भास्कर मिर्धा ने कहा कि जिला व राज्य में खेती के क्षेत्र में योजनाओं  एवं पैसों की कमी नहीं है। बैंक एवं विभाग द्वारा कई तरह के लाभ किसानों के दिये जा रहे हैं लेकिन, जागरूकता के अभाव में वे लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेतों के जरिए जीवन में हरियाली लाने के उद्देष्य से संस्था द्वारा की जा रही यह पहल काफी सराहनीय है। उन्होंने नई तकनीक के जरिए खेती करने, सामुहिक निर्णय और सामुहिक खेती करने पर विषेष जोर दिया।
वरिष्ठ समाज सेवी आर्य राज किषोर मोदी ने कहा कि आज खेतो का आकार छोटा हो गया है। जिससे वैज्ञानिक तरीके व तकनीकी ढंग से खेती करने में अड़चने आ रही है, इन अड़चनों से उबरने के लिए चकबंदी जरूरी है। उन्होंने किसानों को जैविक, जीवंत व सतत-संरक्षित कृषि प्रणाली पर विषेष प्रकाष डाला। 
कृषि वैज्ञानिक डा. बीके सिंह ने श्रीविधि, टपक सिचाई प्रणाली, पाली हाउस के जरिए खेती की संभावनाओं पर विषेष प्रकाष डाला और कहा कि आज किसान उपेक्षित है और कृषि कार्य घाटे की चीज हो गया है। इसके पीछे हमारा पुरानी मानसिकता व पुराना तकनीक जिम्मेवार है। 
कार्यक्रम में मुख्यरूप से मीना देवी, नारायण शर्मा, भीखी पासवान, खेमन साव, सतीष मालाकार, आत्मा के बीटीएम संतोष कुमार सिंह, कृषि विषेषज्ञ मनिष कुमार, अफाक खान, रहमान खान, मुखिया किषोर साव, विजय कुमार पंडित, विनोद साव, वज्रभूषण साव, संतोष राम, दामोदर साव, चंद्रिका यादव, चन्द्रिका साव सहित 60 किसानों ने भाग लिया।

Tuesday, February 18, 2014

गावं को हरा भरा बनाये रखने पर बिचार-मंथन

दिनांक 18  Feb. को समर्पण के द्वारा आयोजित New Vikas Kisan Club
की बैठक में गावं को हरा भरा बनाये रखने पर बिचार-मंथन करते हुए Chehal (Jainagar) के किसान।

Wednesday, February 12, 2014

राष्ट्रीय पर्यावरण जागरूकता अभियान के तहत जैव विवधता संरक्षण विषय अभियान

कोडरमाः 12 फरवरी। राष्ट्रीय पर्यावरण जागरूकता अभियान 2013-14 के तहत स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं बिरवा के संयुक्त तत्वावधान में आज सलैयडीह मध्य विधालय प्रागंण में जैव विवधता संरक्षण विषय पर नुक्कड़ नाटक सह बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ समाजसेवी आर्य राज किषोर मोदी, पंसस तारा देवी, सेवानिवृत प्रधानाध्यापक बहादुर प्रसाद, मोती यादव, भीखी यादव, विजय यादव, प्रसादी यादव, तुलसी साव, वार्ड सदस्य राजकुमार पासवान, प्रकाष साव, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू सहित इंदरवा, चीतरपुर एवं सलैयडीह के सैकड़ों ग्रामीणों व बच्चों ने भाग लिया। 
आयोजित नुक्कड़ नाटक एवं बैठक में खदानों-क्रषरों की बढ़ती संख्या एवं उजड़ते जंगल से होने वाले दुष्परिणाम पर चर्चा किया गया। आर्य राजकिषोर मोदी ने कहा विज्ञान के गलत प्रचार, अज्ञानता तथा उत्पादन वृद्धि की लालसा से किसानों ने रासायनिक खेती की पद्धति को बड़े पैमाने पर अपनाया है। इससे आने वाले दिनों में हम सबों को भयंकर खतरों का सामना करना पडेगा। उन्होंने कहा कि चकबंदी आज समय की मांग है। चुंकि, किसानों की जमीन टुकड़े-टुकडे़ में बंट गया है। जिससे वह मनमाफिक खेती नहीं कर पा रहे हैं। 
नाटक में औषधि पौधों से होने वाले लाभ, रासायनिक खाद, हाईब्रीड बीज एवं कीटनाषक दवा से होने वाले दुष्परिणाम को बाखूबी प्रदर्षित किया एवं केचुआ खाद से सतत व जैविक खेती करने पर बल दिया गया। कलाकारों ने जंगल नहीं काटने, फलदार वृक्ष व औषधीय पौधों का अत्यधिक वृक्षारोपन करने एवं देषज तकनीक व बीज के संरक्षण पर बल दिया। वहीं बैठक में गांव में किसान क्लब एवं वन सुरक्षा समिति बनाकर इस प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया गया।
कलाकारों में मुख्यरूप से राजकिषोर सिंह, जितेन्द्र सिंह, बसंती देवी, आषा देवी, राजू, नागेष्वर सिंह, आषीष कुमार, नारायण शर्मा, विजय, राजीव कुमार सिंह, मेरियन सोरेन आदि ने जीवंत भुमिका निभाई। यह कार्यक्रम अगामी 15 फरवरी तक विभिन्न गांवों में किया जायेगा।
   

Tuesday, February 11, 2014

सरकार की विकासात्मक नीतियों, योजनायों एवं कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु गीत-नाट्य कार्यक्रम


11 Feb. 2014. समर्पण की और से सरकार की विकासात्मक नीतियों,
योजनायों एवं कार्यक्रमों अर्थात सुचना का अधिकार, जननी सुरक्षा, एड्स, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, वनाधिकार कानून आदि  के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु गीत-नाट्य कार्यक्रम (हज़ारीबाग़ जिले के बरही, बरकट्ठा, पद्मा एवं चतरा के ईटखोरी ब्लाक मे.) आज समापन हो गया. 


Monday, February 3, 2014

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति के अधिकारों को लेकर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

कोडरमाः 3 फरवरी। दलित अधिकार सुरक्षा मंच, समर्पण, वीर झारखंड विकास सेवा मंच एवं निदान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आज स्थानीय वर्णवाल सेवा सदन, कोडरमा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति के अधिकारों को लेकर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मंच के प्रांतीय संयोजक बिनोद कुमार उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि सर्वहारा वर्ग का जमीन लूट लेना, उनके बहु-बेटे-बटियों को नौकर-नौकरानी बनाकर रखना, सरकारी स्कूलों में हमारे बच्चों को क्वालिटी एडुकेषन नहीं मिलना भी एट्रोसिटी एक्ट का ही हिस्सा है। जरूरत है सर्वहारा वर्ग को जगने और उनकी लड़ाई तेज करने का। उन्होंने कहा योजनाओं व नीतियों को शत-प्रतिषत ग्रासरूट में अनुपालन होने से विकास दिखने लगेगा। इसे जमीन पर उतारने के लिए सामुहिक नेतृत्व, श्रम दान, हर माह संवाद चक्र चलाना एवं जिला में लिगल एड कमिटि एवं सलाहकार कमिटी बनाकर काम करने की सलाह दी और उक्त कमिटी बना भी। जिसमें जिले के अधिवक्ताओं एवं समाज चिंतकों को शामिल किया गया। 
बसपा के जिलाध्यक्ष प्रकाष अम्बेदकर ने कहा कि सामंतवादी व्यवस्था और इससे उपजे व्यवस्थागत खामियों को उखाड़ फेकना पड़ेगा। 
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बालेष्वर राम ने संवैधानिक व सामाजिक अधिकारों को लेकर काफी चर्चा की और कहा कि मात्र षिक्षित होने से विकास संभव नहीं है बल्कि, मानसिक सोच में परिवर्तन लाना जरूरी है। 
दलित चिंतक दिनेष कुमार दास ने कहा कि आज भी दलित समाज हाषिये पर है। उन्होंने कहा कि कानून का अनुपालन जिला में नहीं हो रहा है। 
आर्य राज किषोर मोदी ने कहा कि हमें जाति से उपर उठकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने शराब के विरूद्ध एवं चकबंदी के लिए अभियान चलाने की बात कही। 
अधिवक्ता सह जिला अभिभावक संध के जिलाध्यक्ष राज कुमार सिंह ने कहा कि आज पढे-लिखे फौज खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने षिक्षा अधिकार कानून को जिला में शत प्रतिषत अनुपालन कराने के लिए हर नागरिक को सामाजिक दायित्व के रूप में लेना चाहिए।
अधिवक्ता षिवनंदन शर्मा एवं भुनेष्वर राणा ने कहा कि थाना में एट्रोसिटी के मामले दर्ज तो होते हैं पर अधिकारियों पर राजनीतिक दवाब पड़ने पर उन्हें मजबूरन मामले को झूठे करार कर दिये जाते हैं। 
वार्ड पार्षद अषोक कुमार यादव ने बीपीएल में भारी गड़बड़ी का मामलों को उजागर किया। 
युवा राजद के प्रदेष सचिव सह अनुसूचित जाति-जनजाति निवारण समिति सदस्य अषोक कुमार दास ने कहा कि विषेष अंगीभूत योजनाओं में भारी गड़बड़ी है। उन्होंने कहा कि एट्रोसिटी मामले जो दर्ज हो रहे हैं उस पर उचित मुवाअजा भी नहीं मिल रहा है। 
सिविल सोसाईटी के राम किषुन सुंडी ने कहा कि आज दलित समाज में अज्ञान, आषक्ति और अभाव के विरूद्ध काम करने की जरूरत है। उन्होंन गाय, माय और धरती की रक्षा करने की बात कही। 
कार्यक्रम में मुख्य रूप से समर्पण के कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार, नारायण शर्मा, अधिवक्ता रीना कुमारी, अजय कुमार, पवन पासवान, रेणु वर्णवाल, भोला प्रसाद यादव, सुरेन्द्र प्रसाद, रेणु पांडेय, संजय कुमार, योगेन्द्र गुप्ता, दिलीप कुमार, सत्येन्द्र प्रसाद, तुलसी कुमार साव, बसंती देवी, मीना देवी, सुनिता देवी, देवराज रविदास, नरेष कुमार मोदी, रामू वर्णवाल, मुखिया मंजू देवी, मनोज पासवान संगीता, कल्याण फाउंडेषन के मेरियन सोरेन सहित कोडरमा, चंदवारा, मरकच्चो, जयनगर एवं डोमचांच प्रखंड के 6 दर्जन लोगों ने भाग लिया।
इस संवाद चक्र की अगली बैठक चंदवारा में दिनांक 16 फरवरी एवं 28 फरवरी को मरकच्चो में करने  का निर्णय लिया। 
कार्यक्रम का संचालन समर्पण के सचिव इन्द्रमणि साहू एवं धन्यवाद ज्ञांपन निदान संस्थान के सुनिल कुमार ने किया। 

Friday, January 31, 2014

तरवन गांव में कम्यूनिटी बैठक का आयोजन

जयनगर, 31 जनवरी। ग्रामवाणी कम्यूनिटी मिडिया प्रा0 लि0 एवं स्वयंसेवी संस्था समर्पण के संयुक्त तत्वावधान में आज तरवन गांव में कम्यूनिटी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता हरिओम किसान क्लब के अध्यक्ष श्याम सुन्दर यादव ने किया। बैठक में संदर्भ व्यक्ति के रूप में ग्रामवाणी के मिडिया सह फिल्ड काॅर्डिनेटर अमृता ओझा एवं समर्पण के तुलसी कुमार ने मुख्य रूप से भाग लिया। सुश्री ओझा ने झारखंड मोबाईल वाणी एवं कम्यूनिटी मिडिया के बारे में विस्तार से चर्चा किया एवं इसका लाभ लेने एवं अपनी समस्याओं को जनता और प्रषासन तक पहुंचाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज तकनीक का जमाना है और इस जमाने में तकनीक का सहारा लिये बगैर तरक्की नहीं किया जा सकता है। साथ ही, अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अधिकार हर किसी को है। इसके लिए ग्रामवाणी की ओर से झारखंड के लिए एक टाॅल फ्री नं0 08800097458 दिया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति मिस काॅल करके राज्य भर के समाचार व गीत-कविता, कहानी, चुटकुले आदि सुने जा सकते हैं और अपनी समस्या या अपने आस-पास होने वाली घटनाओं व भावनाओं को भी दूसरों को सुनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्यरूप से मुखिया राजकुमार यादव, हरिओम किसान क्लब के सचिव बसंत यादव, शंकर कुमार, पवन यादव, गंजाधर यादव, सतीष मालाकार, सुखदेव यादव, महेंद्र यादव, संजय यादव आदि लोग उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञांपन समर्पण के कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार ने किया।

Thursday, January 30, 2014

आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

जयनगरः 30 जनवरी। स्वयंसेवी संस्था समर्पण, नाबार्ड एवं बैंक आॅफ इंडिया के पिपचो शाखा के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र जयनगर में झारखंड किसान क्लब, तिलोकरी, ज्ञानोदय किसान क्लब, बेहराडीह एवं समर्पण किसान क्लब, खरपोका के लिए आधारस्तरीय परिचयात्मक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कृषि पदाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, नाबार्ड के डीडीएम भास्कर मृृृधा, उधान विषेषज्ञ भुपेन्द्र सिंह, कृषि विषेषज्ञ चंचिला कुमारी एवं समर्पण के सचिव इन्द्रमणि साहू आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि जिला व देष में योजनाओं व सुविधाओं की कमी नहीं है। लेकिन, जानकारी के अभाव में लोग सुविधाओं व योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में तकनीक आ गया है लेकिन, गांव के किसान आज भी वही पुरानी कृषि तकनीक को ठो रहे हैं। उन्होंने समय के अनुसार सबों को बदलने और विकास के लिए तकनीक का सहारा लेने का अहवान किया।
डीडीएम भास्कर मृधा ने किसान क्लब के गठन की प्रक्रिया, उद्देष्य, भुमिका एवं क्लब को मिलने वाले लाभ को लेकर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने कहा कि बैंक से मिलने वाला ऋण का यदि सही इस्तेमाल नहीं किया गया तो वह हमें अपाहिज बना देता है। उन्होंने ग्रुप को डिफोल्टर होने से बचने एवं समूह को सक्रिय  बनाये रखने की विधि भी बताये।
भुपेन्द्र सिंह ने श्रीविधि से होने वाले लाभ, और जयनगर में खेती की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को फलों व फूलों की भी खेती करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज इसकी मांग बढ़ी है और अच्छी कमाई है।
 चंचिला कुमारी ने मषरूम की खेती और इसके लाभ से जुड़े बिन्दुओं पर प्रकाष डाला। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र का लाभ किसान नहीं उठा पा रहे हैं। हमारे कृषि वैज्ञानिक हर दृष्टिकोण से किसानों को मदद देने के लिए तैयार है पर कोई किसान लाभ लेने के लिए तैयार ही नहीं है। इसलिए हमलोगों का काफी समय यूं ही बैकार बैठकर गुजारना होता है। यह जिले के किसान के लिए दुर्भाग्य ही है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में किसान क्लब के बेहतर संचालन, रख-रखाव, लेखा-जोखा, पत्राचार आदि पर प्रकाष डाला गया। कार्यक्रम में उक्त तीनों कल्ब के कुल 55 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सतीष मालाकार, नारायण शर्मा, सुनिता देवी, बसंती देवी, मीना देवी, रामेष्वर यादव, रामप्रवेष यादव, सतीष साव, सिकेन्द्र यादव, रामलाल आदि का सहयोग रहा। विषय प्रवेष संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने एवं धन्यवाद ज्ञांपन कार्यक्रम समन्वयक आषीष कुमार ने किया।

Sunday, January 19, 2014

ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHND) सषक्तिकरण अभियान प्रारंभ

कोडरमाः 16 जनवरी। युनिसेफ के सहयोग से स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं सिनी के संयुक्त तत्वावधान में आज से ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सषक्तिकरण अभियान प्रारंभ किया गया। इस अभियान के तहत अगामी 28 फरवरी 2014 तक कोडरमा, जयनगर एवं डोमचांच प्रखंड के 80 चिन्हित ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस सह आंगनबाड़ी केंद्रों का आकलन किया जायेगा।
 साथ ही, संस्था के प्रषिक्षित फैसलिटेटर चिन्हित आंगनबाड़ी/VHND केंद्र पर उपस्थित रहकर ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस को बेहतर संचालन-संपादन में सहयोग प्रदान करेंगे। साथ ही, संस्था के प्रतिनिधि आंगनबाड़ी माॅनिटरिंग कमिटी के सहयोग से एक समीक्षा प्रपत्र भरेंगे। जिसके आधार पर अगामी 10 March 204 तक विभिन्न स्टेक होल्डर के साथ VHND सषक्तिकरण हेतु सेमिनार/कार्यषाला का आयोजन किया जायेगा। 

Thursday, December 19, 2013

बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत जन्म निबंधन सप्ताह सह कैंप का आयोजन

कोडरमाः19 दिसंबर। बाल अधिकार जागरूकता अभियान के तहत स्वयंसेवी संस्था समर्पण द्वारा जन्म निबंधन सप्ताह सह कैंप का आयोजन किया जा रहा है। दिनांक 18 दिसंबर को कोडरमा प्रखंड अंतर्गत इंदरवा पंचायत के नावाडीह एवं गेंदवाडीह में कैंप का आयोजन किया गया। वहीं गुरूवार को चितरपुर एवं सलैयडीह गांव में जन्म निबंधन कैंप का आयोजन किया गया। इसी तरह 20 दिसंबर को इंदरवा एवं झरीटांड, 21 दिसंबर को लोकाई एवं बलरोटांड, 22 दिसंबर को बसघरवा एवं 23 दिसंबर को रतिथम्भाई गांव में आयोजन किया जायेगा। मौके पर संस्थान के प्रतिनिधियों द्वारा 0-1 आयुवर्ग के बच्चों के जन्म निबंधन हेतू आवेदन प्राप्त किया जा रहा है। साथ ही, नुक्कड़ सभा का आयोजन कर जन्म निबंधन के प्रति जागरूकता पैदा किया जा रहा है। संस्थान के विजय राम ने कहा कि जन्म निबंधन कराने के कई फायदे हैं जैसे-नागरिकता व संपति का अधिकार, राषन कार्ड तथा अन्य सरकारी योजनाओं में लाभ, स्कूल-काॅलेज में दाखिला, जाति एवं आय प्रमाण पत्र बनवाने में सहूलियत, आरक्षण आदि का लाभ। संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने बताया कि जन्म से 21 दिनों के अंदर निःषुल्क, 22 दिनों से 1 वर्ष तक 5 रूपये शुल्क के साथ एवं 1 वर्ष से उपर कचहरी द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र एवं 10 रूपये विलंब शुल्क के साथ यह निबंधन होता है। 
कार्यक्रम को सफल बनाने में जागो फाउंडेषन के अलावे स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों, पंचायत सेवक, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं सहिया का विषेष सहयोग मिल रहा है। कार्यक्रम में मेरियन सोरेन, अजीमुल्लाह खान, बिन्दु देवी, सहिया रूपा देवी, बसंती देवी, राज किषोर सिंह, भीखी यादव, विजय यादव, शषी देवी, चमेली देवी, पिंकी देवी, सुनिता देवी आदि लोगों की सक्रिय भागीदारी रही।

Tuesday, December 17, 2013

मेरे पापा सबसे अच्छे विषय Awareness prog. का आयोजन

कोडरमाः 17 दिसंबर। जिम्मेदार पितृत्व अभियान के तहत स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं फेम झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में आज म0 वि0 सलैयडीह स्कूल प्रागंण में मेरे पापा सबसे अच्छे विषय Awareness prog. का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदरवा पंचायत के मुखिया अनिता देवी ने किया। मौके पर इंदरवा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य तारा देवी, प्रधानाध्यापक सहदेव राम, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू, पारा षिक्षक विजय यादव, क्रेज के तुलसी कुमार आदि उपस्थित थे।

मौके पर मुखिया अनिता देवी ने कहा कि बेटी के पढ़ने का मतलब सात पीढ़ी तक का उबारना होता है। उन्होंने कहा कि सदियों से बेटियों एवं महिलाओं के उपर शोषण होता आ रहा है। पर, अब जमाना बदला है। बेटियां अब इतिहास लिख रही हैं। उन्होंने बाल अधिकारों के संरक्षण पर विषेष प्रकाष डाला। 
पंसस तारा देवी ने कहा कि जेंडर के प्रति संवेदनषीलता जरूरी है। बेटे-बेटियों में भेदभाव करने का जमाना चला गया है। 
प्रधानाध्यापक श्री राम ने कहा कि आये दिन हो रहे शोषण और अपराध को रोकने के लिए पढ़ाई पढ़ना और साहसी बनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिता की जिम्मेदारी सिर्फ पैसा कमाकर लाना नहीं होता है बल्कि, अपनी पत्नी को सहयोग करने और बच्चों के लालन-पालन में भी होनी चाहिए। 

संगोष्ठी को क्रेज के तुलसी कुमार, कल्याण फाउंडेषन के मेरियन सोरेन, भीखी यादव, रेखा कुमारी आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में भारी संख्या में स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया। 
विषय प्रवेष संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू एवं धन्यवाद ज्ञांपन विजय राम ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्ररेणा भारती, मधुपुर एवं सीएचएसजे, नई दिल्ली का विषेष सहयोग रहा।


Sunday, December 15, 2013

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं भूमि अधिकार से जुड़े मुद्दों पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन

कोडरमाः 15 दिसंबर। स्वयंसेवी संस्था समर्पण एवं दलित अधिकार सुरक्षा मंच के संयुक्त तत्वावधान में आज पंचायत भवन झुमरी में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं भूमि अधिकार से जुड़े मुद्दों पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता झुमरी पंचायत के मुखिया महादेव राम ने किया। मौके पर पंसस गणेष दास, समाजसेवी नारायण दास, वार्ड सदस्य मीना देवी, संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू, मंजू देवी, कल्याण फाउंडेषन के सचिव मेरियन सोरेन आदि उपस्थित थे।
मुखिया महादेव राम ने कहा कि दलित समाज में आज सबसे ज्यादा खर्च दारू पीने-पिलाने में हो रहा है। जबकि, कमाई का ज्यादा हिस्सा बच्चों को पढ़ाने-लिखाने में निवेष किया जाना चाहिए। यदि ऐसा हुआ तो सामाजिक सुरक्षा का सवाल हो, जीविका का सवाल हो या फिर भूमि पट्टा का सवाल, सभी हल होने की संभावना बढ़ जाती है।
वरिष्ठ समाज सेवी नारायण दास ने कहा कि महिलाएं आज कहीं सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि दलित समाज आज जिल्लत भरी जिंदगी जी रहे हैं। इसके लिए उन्होंने कानून एवं नीतियों में जो प्रावधान है उसे लड़कर लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने हिस्से का हक पाने के लिए उपर से कोई फरिष्ता नहीं आने वाला, बल्कि खूद लड़ना होगा।
पंसस गणेष दास ने कहा कि झारखंड में 1 करोड़ 80 लाख युवा है। लेकिन, उनके पास आज कोई बेहतर सपना नहीं है। वे अपना भविष्य आंक नहीं पा रहे हैं। युवा यदि सषक्त व जागरूक होकर सरकार की ओर से चलाये जा रहे योजनाओं को ग्रासरूट में उतारने का पहल मात्र प्रारंभ करे तो फिर गांव का तस्वीर ही बदल जायेगा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, मंहगाई और पलायन से मुक्ति की दिषा में जाने के लिए हमें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और भूमि अधिकार से जुड़े नीतियों-कानूनों को अमलीजामा पहनाना ही होगा।
विषय प्रवेष कराते हुए संस्था सचिव इन्द्रमणि साहू ने कहा कि झारखंड में 90 फीसदी लोगों का जीविका का मुख्य स्रोत जमीन है और उनकी कौषलता खेती करना रहा है लेकिन, दुर्भाग्य यह है कि यहां 77 लाख परिवारों में करीब 34 लाख परिवार भूमिहीन है। सरकार की ओर से बंजर जमीन दलितों, गरीबों व भूखे लोगों को नहीं मिल कर आज पंूजीपतियों एवं उधोगपतियों को बड़े पैमाने पर जमीन मुहैया कराया जा रहा हैं। वन अधिकार कानून के तहत भी आज गरीबों, दलितों व वनवासियों को जमीन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब जमीन का मसला हल होने पर पूरा झारखंड खुषहाल होगा। उन्होंने कहा वन अधिकार कानून के तहत जिला में माॅनिटरिंग कमिटी बनी है पर किसी को आज तक नहीं मालूम हुआ कि कमिटि कर क्या रही है। उन्होंने कहा कि महिला मंडलों, किसान क्लबों, युवा क्लबों एवं ग्राम सभाओं को मजबूत व सषक्त करने के उद्देष्य से यह सेमिनार का आयोजन किया गया है।
मौके पर बसंती देवी, कपुरवा देवी, चमेली देवी, नेहा देवी, कुंती देवी, सुनिता देवी, विजय राम, बुधनी देवी, अनिल यादव, निरंजन कुमार, रोहित कुमार, पवन कुमार, सुधीर कुमार, मधु देवी, कविलास देवी, विक्कू कुमार, रेणु देवी, राखी कुमारी, आषा देवी, रीना देवी, दुलारी देवी, एसएमसी अध्यक्ष रमेष प्रसाद यादव, नारायण शर्मा सहित जयनगर एवं कोडरमा से कुल 80 लोगों ने भाग लिया।
धन्यवाद ज्ञांपन प्रखंड समन्वयक आषीष कुमार ने किया।